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दिल्ली चर्चित रेस्टोरेंट से 30 मिनट में गुरुग्राम डिलिवरी कैसे? जोमैटो को अदालत का समन

गुरुग्राम के एक निवासी की याचिका में दावा किया गया है कि जोमैटो झूठी प्रैक्टिस में संलग्न है। याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो को समन जारी किया है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली चर्चित रेस्टोरेंट से 30 मिनट में गुरुग्राम डिलिवरी कैसे? जोमैटो को अदालत का समन
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीMon, 12 Feb 2024 01:20 AM
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दिल्ली की एक अदालत ने फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो को समन जारी किया है। अदालत से कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में 'प्रतिष्ठित रेस्तरां' से कस्टमर को 'गर्म और प्रामाणिक भोजन' ऑर्डर लेने पर रोक लगाने का आदेश देने की मांग की गई है। अदालत में दाखिल प्ली में याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह अस्पष्ट है कि जोमैटो ने 30 मिनट के भीतर दिल्ली के प्रतिष्ठित रेस्तरां से फूड गुरुग्राम और नोएडा की लोकेशन तक कैसे डिलिवर कर दिया। 

अदालत गुरुग्राम के निवासी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में दावा किया गया है कि जोमैटो कथित तौर पर अपनी सब कटेगरी 'दिल्ली के लीजेंड्स' के तहत प्रसिद्ध रेस्तरां से ताजा भोजन डिलिवर करने की झूठी प्रैक्टिस में संलग्न था। याचिका पर गौर करते हुए सिविल जज उमेश कुमार ने अपने आदेश में कहा- मुकदमे का समन और नोटिस जारी करें।

याचिका के अनुसार, सौरव मॉल ने पिछले साल 24 अक्टूबर को जामा मस्जिद, कैलाश कॉलोनी और जंगपुरा में तीन अलग-अलग भोजनालयों से एक ऑर्डर दिया था। ऑर्डर देने के बाद उन्होंने डिलीवरी पार्टनर को ट्रैक किया और पाया कि ऑर्डर मूल रेस्तरां के बजाए एक अज्ञात जगह से पिक किया गया था।  

याचिकाकर्ता ने अपनी प्ली में सवाल पूछा है कि ऑर्डर किया गया फूड पास की लोकेशन से क्यों पिक किया गया, जबकि वहां रेस्तरां पार्टनर की कोई शाखा नहीं है? भोजन रेस्तरां पार्टनर की मूल पैकेजिंग में क्यों नहीं दिया गया? इसकी क्या गारंटी है कि भोजन रेस्तरां द्वारा तैयार किया गया है? इसकी क्या गारंटी है कि खाना ताजा बनाया गया है?

याचिका में यह भी कहा गया है कि यह 'अस्पष्ट' है कि जोमैटो ने 30 मिनट के भीतर दिल्ली के प्रतिष्ठित रेस्तरां से फूड गुरुग्राम और नोएडा की लोकेशन तक कैसे डिलिवर कर दिया। नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत कई प्रभावित व्यक्तियों के लिए रिप्रजेंटिव केस के रूप में दायर याचिका में कहा गया है कि ग्राहकों के लिए जोमैटो का इस तरह का बर्ताव धोखा देने जैसा है। मामले में अगली तारीख 20 मार्च को दी गई है। 

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