ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRगुरुग्राम में डिजिटल अरेस्ट कर युवक से ठगी, ऐंठ लिए दो लाख रुपए

गुरुग्राम में डिजिटल अरेस्ट कर युवक से ठगी, ऐंठ लिए दो लाख रुपए

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मैं घबरा गया था और सदमे में था। मुझसे दो घंटे बात करने के बाद उन्होंने मुझसे एक खास खाते में पैसे भेजने को कहा, ताकि यह पता चल सके कि मेरे खाते में धोखाधड़ी तो नहीं हुई है।

गुरुग्राम में डिजिटल अरेस्ट कर युवक से ठगी, ऐंठ लिए दो लाख रुपए
Sourabh JainPTI,गुरुग्रामWed, 12 Jun 2024 12:07 AM
ऐप पर पढ़ें

गुरुग्राम में एक शख्स को कथित रूप से डिजिटल अरेस्ट करते हुए उससे 2 लाख रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उस पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का झूठा आरोप लगाते हुए इस सायबर ठगी को अंजाम दिया। ठगों का शिकार बने शख्स का नाम राजीव कुमार है, जो कि सूर्य विहार के सेक्टर 9 में रहते हैं।

राजीव ऐसी ठगी का शिकार बने जिसमें आमतौर पर जालसाज खुद तो या तो पुलिस या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी बनकर जबरन वसूली करते हैं। ये  बातचीत अक्सर वीडियो कॉल के माध्यम से होती है, जहां पीड़ितों को कभी-कभी फर्जी अधिकारियों द्वारा डिजिटल गिरफ्तारी के तहत रखा जाता है, जो उन्हें अपने डिवाइस पर कैमरे के सामने रहने के लिए कहते हैं।

कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्हें 25 मई की सुबह एक इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (IVR) कॉल आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि वे कुमार के आधार कार्ड से जुड़े फोन नंबरों को ब्लॉक कर देंगे।

कुमार ने साइबर वेस्ट पुलिस स्टेशन में दी गई अपनी शिकायत में कहा कि बाद में उन्हें वॉट्सऐप पर किसी व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। कुमार ने कहा, 'इस व्यक्ति ने मुझ पर लगभग 6 करोड़ रुपए के लेन-देन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्हें मेरा केनरा बैंक का डेबिट कार्ड नरेश गोयल नामक किसी व्यक्ति के घर से मिला, जो उनके अनुसार इस मनी लॉऩ्ड्रिंग घोटाले का मुखिया है।'

उन्होंने कहा, 'इस वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने मुझसे तीन घंटे तक पूछताछ की और धमकी दी कि अगर मैंने उनकी बात नहीं मानी तो वे मेरे घर पुलिस भेज देंगे।' कुमार ने कहा कि वह डरे हुए थे और उन्होंने तीन घंटे की पूछताछ के बाद भी उनकी बात मानने पर सहमति नहीं जताई।

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, 'मैं घबरा गया था और सदमे में था। मुझसे दो घंटे बात करने के बाद उन्होंने मुझसे एक खास खाते में पैसे भेजने को कहा, ताकि यह पता चल सके कि मेरे खाते में धोखाधड़ी तो नहीं हुई है। मैंने बिहार के जगदीशपुर में इंडसइंड बैंक की शाखा में मां पार्वती टाइल्स एंड मार्बल्स के खाते में 2 लाख रुपए भेजे। वे मेरे पूरे खाते की जांच करने के लिए उत्सुक थे।'

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के बाद रविवार को साइबर अपराध पश्चिम पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।