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चिंटल्स सोसाइटी के 5 टावर एक-एक कर गिराए जाएंगे, नोएडा के ट्विन टावर तोड़ने वाली कंपनी को सौंपा काम

गुरुग्राम के सेक्टर-109 के चिंटल्स पैराडाइसो सोसाइटी (Chintels Paradiso Society) के 5 असुरक्षित टावरों को गिराने की तैयार हो चुकी है। इन सभी टावरों को ट्विन टावर गिराने वाली एजेंसी एक-एक कर गिराएगी।

चिंटल्स सोसाइटी के 5 टावर एक-एक कर गिराए जाएंगे, नोएडा के ट्विन टावर तोड़ने वाली कंपनी को सौंपा काम
Praveen Sharmaगुरुग्राम। हिन्दुस्तानTue, 28 Nov 2023 02:10 PM
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गुरुग्राम के सेक्टर-109 के चिंटल्स पैराडाइसो सोसाइटी (Chintels Paradiso Society) के पांच असुरक्षित टावरों को गिराने की तैयार हो चुकी है। इन सभी टावरों को ट्विन टावर गिराने वाली एजेंसी एक-एक कर गिराएगी। चिंटल बिल्डर की ओर से सोमवार को जिला उपायुक्त को नोएडा के ट्विन टावर तोड़ने वाली मेसर्स एडिफिस इंजीनियरिंग की सर्वे रिपोर्ट को लेकर पत्र लिखा गया है।

इसमें डी, ई, एफ,जी, एच टावर को एजेंसी मैकेनिकल मशीन से एक-एक कर गिराएगी। इसके लिए सभी टावरों को खाली कराने और इसके आसपास बैरिकेडिंग करने के लिए अनुमति मांगी है। चिंटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कानून वरिष्ठ प्रबंधक राकेश कुमार ने 27 नवंबर को टावरों को तोड़ने के बारे में सुझाव को लेकर डीसी को पत्र लिखा है। इसकी कॉपी नगर योजनाकार विभाग महानिदेशक, गुरुग्राम एडीसी, डीटीपी (ई) और सोसाइटी के आरडब्ल्यूए को भेजी है।

बिल्डर की ओर से कहा गया कि हमेशा प्रशासन के निर्देशों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने पर हमें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

कंपन से बहुत नुकसान हो सकता है : कानून वरिष्ठ प्रबंधक राकेश कुमार ने पत्र में कहा कि दिल्ली आईआईटी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार पांच टावरों की कमजोर संरचना को ध्यान में रखते हुए खाली करना और उस पूरे क्षेत्र में प्रवेश को प्रतिबंधित करना, टावरों के आसपास के पूरे क्षेत्र को शुरू करने के लिए बैरिकेडिंग करना, बेसमेंट स्लैब के ऊपर से पूरी मिट्टी को पूरी तरह से हटाना, टावर पर कंक्रीट पानी के टैंकों को तुरंत खाली करना, जिनमें से प्रत्येक में दो लाख लीटर पानी होता है, जिसका वजन लगभग 200 टन होता है, साथ ही कंक्रीट टैंकों का भारी वजन भी होता है।

ध्वस्तीकरण खतरनाक

टावर जी और एच को 15 परिवारों से तुरंत खाली कराएं। एडिफिस इंजीनियरिंग के सुझाव के अनुसार असुरक्षित क्षेत्रों में बैरिकेड लगाने के लिए हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। यहां की आरडब्ल्यूए और निवासियों को निर्देश दें कि वे मेसर्स एडिफिस इंजीनियरिंग द्वारा सुझाए गए कार्य में हस्तक्षेप न करें। ध्वस्तीकरण के इस बेहद खतरनाक और कठिन कार्य को करने के लिए चिंटल बिल्डर के साथ सहयोग करें।

फ्लैट निर्माण की मांग

चिंटल सोसाइटी के पांच असुरक्षित टावरों के फ्लैट मालिक दोबारा से निर्माण कराने की मांग पर अड़े गए है। 148 लोगों ने दोबारा से अपने फ्लैट का निर्माण चाहते है, लेकिन बिल्डर लोगों को फ्लैटों का पैसा वापस कर रहा है। लोगों ने कहा कि बिल्डर फ्लैटों को तोड़कर बनाने का लिखित नहीं देता है तो टावर को किसी भी हालत में ध्वस्त करने नहीं दिया जाएगा। लोगों का कहना है कि उनके साथ खिलवाड़ हो रहा है।

कोर्ट के आदेश का इंतजार

चिंटल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेएन यादव ने कहा कि 288 में से 140 फ्लैट मालिकों को पैसा वापस करने की सहमति बन चुकी है। जो लोग नहीं ले रहे है। वह सुप्रीम कोर्ट गए है। कोर्ट का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। टावर गिराने के दौरान उसके आसपास के टावरों में बिजली से आग लगने का गंभीर खतरा हो सकता है। यह टावर एक सामान्य विद्युत प्रणाली से जुड़े हुए हैं। इस दौरान सतर्कता बरती जाएगी।

इंजीनियरिंग विशेषज्ञ ने दी रिपोर्ट : टावरों को ध्वस्त करने के लिए एडिफिस से अनुबंधित किया है। अब यह चिंटल के टावरों को तोड़ने की योजना बनाई है। इसको लेकर 24 नवंबर को एडिफिस इंजीनियरिंग मेसर्स के पार्टनर उत्कर्ष मेहता, प्रोजेक्ट मैनेजर अब्दुल सलाम चौधरी, सुरक्षा अधिकारी लिबू वर्गीस की टीम द्वारा चिंटल के असुरक्षित टावरों का निरीक्षण किया था। 25 नवंबर को दी रिपोर्ट में एडिफिस इंजीनियरिंग विशेषज्ञ ने कहा है कि छत से लेकर बेसमेंट तक सभी टावरों का भौतिक निरीक्षण किया गया। 

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