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मैनेजर को पूरा करना था खाते खोलने का टारगेट, अपनाया शॉर्टकट और सीधे पहुंचा सलाखों के पीछे

निजी क्षेत्र के एक बैंककर्मी ने टारगेट पूरा करने के लिए एक ऐसा तरीका खोज निकाला जिससे उसे शुरुआती सफलताएं तो मिल गईं, उसका सफर जेल की सलाखों के पीछे ही जाकर खत्म हुआ। पुलिस ने उसे मुंबई से धर दबोचा।

मैनेजर को पूरा करना था खाते खोलने का टारगेट, अपनाया शॉर्टकट और सीधे पहुंचा सलाखों के पीछे
Sourabh JainPTI,गुरुग्रामWed, 22 May 2024 12:32 AM
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हरियाणा से सटे गुरुग्राम की साइबर पुलिस ने प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक के डिप्टी मैनेजर को मुंबई से गिरफ्तार किया है। बैंक कर्मी पर अपना टारगेट पूरा करने के लिए कथित तौर पर जालसाजों के लिए बैंक में फर्जी खाते खोलने का आरोप है। इन खातों में आरोपी ठगी के पैसे ट्रांसफर करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक कर्मी ने कथित तौर पर पांच फर्जी बैंक खाते खोले, जिनमें आरोपी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के लाखों रुपए जमा कराए।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि निजी बैंक की मुंबई शाखा में बतौर डिप्टी मैनेजर कार्यरत युसूफ मोहम्मद को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए  ACP (साइबर) प्रियांशु दीवान ने बताया, 'आरोपी डिप्टी मैनेजर द्वारा साइबर ठगों को मुहैया कराए गए खाते में ठगों ने फर्जी तरीके से 19 लाख रुपए जमा कराए थे। आरोपी अबतक साइबर ठगों को करीब पांच खाते मुहैया करा चुका हैं।'

दीवान ने कहा, 'इस मामले में अबतक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले हमने साइबर ठगी में शामिल 12 बैंक कर्मियों को गिरफ्तार किया था। हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।'

पुलिस के मुताबिक 10 नवंबर 2022 को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमें शिकायतकर्ता ने फर्जी वेबसाइट के जरिये क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश करने के नाम पर 45 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप लगाया था। उसने बताया कि FIR गुरुग्राम साइबर अपराध (पूर्व) पुलिस थाना में दर्ज की गई थी।

पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर सवित कुमार के नेतृत्व में साइबर पुलिस की एक टीम ने मामले की जांच की और सोमवार को मुंबई के अंधेरी निवासी मोहम्मद को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि अकाउंट्स खोलने के टारगेट को पूरा करने के लिए उसने फर्जी बैंक खाते खोले और ठगों को उपलब्ध कराए।