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हिंदी न्यूज़ NCRअनदेखी : साढ़े पांच साल में भी नहीं बदल पाए गुड़गांव रेलवे स्टेशन का नाम

अनदेखी : साढ़े पांच साल में भी नहीं बदल पाए गुड़गांव रेलवे स्टेशन का नाम

गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का नाम साढ़े पांच साल बाद भी रेलवे में गुड़गांव ही लिखा जा रहा है, जबकि जिला प्रशासन के अन्य सभी जगहों व विभागों में गुड़गांव को गुरुग्राम किया जा चुका है। रेलवे द्वारा...

अनदेखी : साढ़े पांच साल में भी नहीं बदल पाए गुड़गांव रेलवे स्टेशन का नाम
Praveen Sharmaगुरुग्राम | कार्यालय संवाददाताMon, 17 Jan 2022 10:32 AM

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गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का नाम साढ़े पांच साल बाद भी रेलवे में गुड़गांव ही लिखा जा रहा है, जबकि जिला प्रशासन के अन्य सभी जगहों व विभागों में गुड़गांव को गुरुग्राम किया जा चुका है। रेलवे द्वारा अपने दस्तावेजों में रेलवे स्टेशन का नाम नहीं बदले जाने के कारण छात्रों और सैनिक, अर्ध सैनिक बलों के जवानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दैनिक रेल यात्री संघ ने अब स्टेशन के नाम को भी गुरुग्राम करने की मांग उठाई है। हालांकि इससे पहले भी दैनिक रेल यात्री संघ ने रेलवे की डीआरएम को स्टेशन का नाम बदलने के लिए मांग पत्र सौंपा था, लेकिन अभी तक इस पर रेलवे की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को इस कारण भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

दरअसल, प्रदेश सरकार की ओर से 13 अप्रैल 2016 को जिले का नाम गुड़गांव से गुरुग्राम करने का निर्णय लिया था। बाद में प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 27 सितंबर 2016 को इसकी घोषणा की थी। प्रदेश सरकार ने गुड़गांव शहर का नाम गुरुग्राम कर दिया था। यह नाम चलन में भी आ गया, मगर रेलवे के दस्तावेजों में शहर का नाम बदलने के साढे़ पांच वर्ष भी रेलवे स्टेशन का नाम नहीं बदला गया है। इससे छात्रों और सैनिकों को काफी परेशानी हो रही है।

सैनिकों और छात्रों को आरक्षित टिकट लेने में परेशानी

जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में गुरुग्राम और रेलवे में गुड़गांव होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी सैनिकों और विद्यार्थियों को आरक्षित टिकट लेने में होती है। यात्रा के लिए सैनिकों को जारी होने वाले वारंट पर अक्सर गुरुग्राम अंकित होता है और रेलवे के रिकॉर्ड में गुड़गांव दर्ज है। ऐसे में यदि गुरुग्राम के वारंट पर बुकिंग क्लर्क ने टिकट बना दिया तो नाम मेल न होने से उन्हें रुपये जमा करने पड़ जाते हैं। स्टेशन के नाम की गफलत छात्रों पर भी भारी पड़ रही है। छात्रों को मासिक और अर्धमासिक टिकट के लिए जो पत्र जारी किया जाता है। उस पर गुरुग्राम अंकित रहता है, जबकि रेलवे रिकॉर्ड में गुड़गांव है। दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली-रेवाड़ी रूट के प्रधान राजपाल यादव ने बताया कि उन्होंने डीआरएम से मांग की है कि रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय और रेलवे के वाणिज्य विभाग भाड़ा व विपणन, उत्तर रेलवे के साथ पत्रों का आदान-प्रदान कर रेलवे रिकॉर्ड में जल्द गुरुग्राम दर्ज कराया जाए।

''स्टेशन का नाम बलवाने के लिए कई बार पत्राचार विभाग किए जा चुके हैं, लेकिन विभाग से इसको लेकर कोई जवाब नहीं आया है। अभी हाल ही में भी विभाग को गुड़गांव स्टेशन की जगह गुरुग्राम करवाने के लिए पत्र लिखा है।'' -शंकर लाल मीणा, अधीक्षक गुड़गांव स्टेशन 

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