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गुरुग्राम में बच्ची से रेप-हत्या के दोषी को फांसी की सजा, ₹10 लाख मुआवजा देने के आदेश

Gurgaon Crime News: गुरुग्राम की एक अदालत ने मात्र तीन साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे मौत की सजा सुनाई है। यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

गुरुग्राम में बच्ची से रेप-हत्या के दोषी को फांसी की सजा, ₹10 लाख मुआवजा देने के आदेश
Krishna Singhहिन्दुस्तान,गुरुग्रामWed, 21 Feb 2024 11:42 PM
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गुरुग्राम की एक अदालत ने तीन साल की बच्ची का रेप कर उसकी हत्या करने वाले दोषी को मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश शशि चौहान ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।पीड़िता के परिवार को पुनर्वास के लिए दस लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्देश भी दिया।

विशेष अभियोजक सुनील परमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर-65 पुलिस थाना क्षेत्र में 11 नवबंर 2018 को उत्तरप्रदेश के मूल निवासी युवक ने घर के बाहर खेल रही तीन बच्चियों को रुपयों लालच देकर अपने साथ चलने को कहा था। दो बच्चियों ने जाने से मना कर दिया,जबकि एक बच्ची जाने को तैयार हो गई।उसके बाद वह बच्ची को लेकर अपने साथ लेकर गया। शाम तक जब बच्ची घर नहीं लौटी,तो उसके माता-पिता ने उसकी खोज शुरु करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई।

अगले दिन क्षेत्र के एक मंदिर के सामने विकृत हालत में बच्ची का शव मिला। शव पर जहां कटे के निशान थे, वहीं उसका चेहरा ईंट मारकर कुचल दिया गया था। बालिका के गुप्तांगों को भी बेहद चोट पहुंचाई गई थी। शव को देखकर लगता था कि बालिका के साथ बेहद बर्बरता की गई है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट व हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरु कर दी थी।

परमार का कहना है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उसकी निशानदेही पर वारदात के समय पहने गए उसके कपड़े आदि भी बरामद कर लिए थे। तभी से आरोपी जिला जेल में बंद था। उनका कहना है कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत व गवाह पेश किए। सीसीटीवी फुटेज भी अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें आरोपी बालिका को ले जाता हुआ दिखाई दे रहा था। 

अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर विचार किया। जिसमें आरोपी दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से आरोपी को फांसी देने का आग्रह भी किया था। परमार का कहना है कि पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी पर लगे आरोप साबित होना पाते हुए अदालत ने जहां फांसी की सजा दी है, वहीं आरोपी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है और पीडि़त परिवार के पुनर्वास के लिए 10 लाख रुपए देने का आदेश भी दिया है।

परमार का कहना है कि अदालत ने आरोपी को गत 3 फरवरी को दोषी करार दे दिया था और उसकी सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अदालत ने बुधवार को सुना दिया। उनका कहना है कि इस प्रकार के मामलों में सख्त सजा देने से जहां अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा और वहीं देश में बच्चों के यौन शोषण के मामलों में भी कमी आएगी।

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