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फर्जी कंपनियों के जरिए लगाया 15 हजार करोड़ का चूना, एक्शन में सरकार; इन 7 की संपत्ति होगी कुर्क

फर्जी कंपनियों के जरिए सरकार को करीब 15 हजार करोड़ रुपये की जीएसटी का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के सात आरोपियों की चल और अचल संपत्ति को नोएडा पुलिस कुर्क करेगी। कोर्ट से वारंट जारी।

फर्जी कंपनियों के जरिए लगाया 15 हजार करोड़ का चूना, एक्शन में सरकार; इन 7 की संपत्ति होगी कुर्क
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नोएडाTue, 20 Feb 2024 06:46 AM
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तीन हजार से अधिक फर्जी फर्म तैयार कर करीब 15 हजार करोड़ रुपये की जीएसटी का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के सात आरोपियों की चल और अचल संपत्ति को नोएडा पुलिस कुर्क करेगी। इसके लिए कोर्ट की तरफ से कुर्की वारंट जारी किया गया है। इन आरोपियों के 21 संपत्तियों को पुलिस कुर्क करेगी। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस कोर्ट के आदेश के बाद तैयारी में जुट गई है। जिन आरोपियों की संपत्ति को कुर्क किया जाएगा उनमें आदर्श नगर दिल्ली निवासी अंचित गोयल, इसके पिता प्रदीप गोयल, रोहिणी दिल्ली निवासी अर्जित गोयल, हिसार हरियाणा निवासी कुनाल मेहता उर्फ गोल्डी, हिसार निवासी बलदेव उर्फ बल्ली, मुबारकपुर दिल्ली निवासी विकास डबास और रोहिणी निवासी रोहित नागपाल शामिल हैं। 

पूर्व में आरोपियों के घर पर नोटिस चस्पा किया गया था। इसके बाद भी वह न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हुए। पुलिस लगातार आरोपियों को खोज रही है, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। इस मामले में अब तक 29 आरोपियों की गिरफ्तारी देश के अलग-अलग हिस्से से हुई है। नोएडा पुलिस नौ आरोपियों पर 25- 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर चुकी है। अभी भी कई आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने बीते साल जून में करीब 3 हजार से अधिक फर्जी फर्म बनाकर 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।

कागजों में चल रही थीं कंपनियां

गिरोह का पर्दाफाश करने वाले पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें पहले भुगतान किए गए जीएसटी के बदले में क्रेडिट मिल जाते हैं। ये क्रेडिट फर्म के जीएसटी अकाउंट में दर्ज हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी कंपनियों द्वारा वास्तविक माल का आदान-प्रदान नहीं किया जाता है। गिरोह के आरोपियों ने, जो कंपनियां बनाई थीं, वह धरातल पर नहीं थीं, उसका वजूद महज कागजों में ही था।

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