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खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा, क्या हैं वजहें? ग्रैप लगाने पर विचार, कड़े कदम उठाने के निर्देश

दिल्ली में बुधवार को हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 243 दर्ज किया गया। इसे लेकर केन्द्रीय वायु गुणवत्ता आयोग ने ग्रैप लगाने पर विचार करने के लिए बैठक की।

खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा, क्या हैं वजहें? ग्रैप लगाने पर विचार, कड़े कदम उठाने के निर्देश
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीWed, 15 May 2024 10:08 PM
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दिल्ली-एनसीआर की हवा बीते खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। बुधवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 243 दर्ज किया गया। इसे लेकर बुधवार को केन्द्रीय वायु गुणवत्ता आयोग ने ग्रैप लगाने पर विचार करने के लिए बैठक की। इस बैठक के बाद प्रदूषण रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली एजेंसियों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने निर्देश दिया कि प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर धूल को कम करने के उपाय किए जाएं। सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के साथ ही मकेनिकल मशीन से सफाई की जाए।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने निर्माण और ध्वस्तीकरण की जगहों पर धूल नियंत्रण के उपायों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और जंगल की आग के कारण राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता बुधवार को 'खराब' श्रेणी में आ गई है। समीक्षा बैठक में विशेषज्ञों ने सीएक्यूएम पैनल को बताया कि शुष्क परिस्थितियों के साथ उच्च तापमान के कारण हवा का रुख बदलने से वातावरण में धूल जमा हो रही है।

समीक्षा बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। यही नहीं आसपास के राज्यों से जंगल में आग लगने की खबरें भी आ रही हैं। इससे क्षेत्र की एक्यूआई प्रभावित हो सकती है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने प्रदूषण की रोकथाम को लेकर एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण निकायों और अन्य संबंधित एजेंसियों को निवारक उपायों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। साथ ही क्षेत्र के प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉटों पर गहन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एजेंसियों को आग की घटनाओं और नगर निगम के ठोस कचरे को खुले में जलाने की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश भी जारी किए। साथ ही निर्माण एवं विध्वंस परियोजना स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों को लागू करने में तेजी लाने को कहा... क्षेत्र में पानी का छिड़काव बढ़ाने और सड़कों की सफाई कराने के लिए लगाई गई मशीनों के फेरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने भी हाल फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं जताई है। 

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