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Ghaziabad News: 200 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा, भूमाफिया ने काटी अवैध कॉलोनी; लोगों को नोटिस

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे डासना में सरकारी बंजर भूमि को राजस्व अभिलेखों में हेराभेरी कर भूमाफिया ने अपने नाम दर्ज करा लिया। इतना ही नहीं जमीन को बेचकर अवैध कॉलोनी भी काट दी।

Ghaziabad News: 200 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा, भूमाफिया ने काटी अवैध कॉलोनी; लोगों को नोटिस
Sneha Baluniप्रमुख संवादताता,गाजियाबादTue, 15 Aug 2023 07:37 AM
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे डासना में सरकारी बंजर भूमि को राजस्व अभिलेखों में हेराभेरी कर भूमाफिया ने अपने नाम दर्ज करा लिया। इतना ही नहीं जमीन को बेचकर कॉलोनी भी काट दी। डीएमई में हुई भूमि घोटाले के दौरान जब बराबर वाले खसरे की जांच की गई तो मामले पकड़ में आया। अब प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बसे लोगों को नोटिस जारी किया है। वहीं इस भूमि को फिर से राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी है। इस भूमि का बाजार भाव 200 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। 

इन दिनों दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे में हुई भूमि घोटाले को लेकर जांच चल रही है। यहां अशोक गृह निर्माण समिति की ओर से सरकारी भूमि को अपनी बताकर बेच डाली गई। इतना ही नहीं समिति को लोगों ने 22 करोड़ रुपये का मुआवजा भी तय करा लिया। जब मामले की जांच हुई तो कई अन्य खसरा नंबरों में भी हेराफेरी पाई गई। इसी कड़ी में डासना के खसरा नंबर 2590 की 41 बीघा भूमि जो बंजर में दर्ज थी, उसके कागजों में हेराफेरी पाई गई।

जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि भूमाफिया ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर उस पर कॉलोनी बसा दी। जबकि सरकारी खाते में यह भूमि अभी भी बंजर में दर्ज है। अभिलेखों की जांच और साक्ष्यों के अवलोकन करने के बाद इस भूमि को बंजर में दर्ज करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। डासना में सरकारी भूमि पर जिन लोगों ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है।

जमीन पर 100 से ज्यादा मकान बन चुके

प्रशासन की टीम ने जब मौके पर जाकर देखा तो 41 बीघे में से करीब 25 बीघे में 100 से ज्यादा घर बने मिले। जिला प्रशासन ने अब इस जमीन को खाली कराने का फैसला लिया है। इसके लिए जिन लोगों को इस जमीन पर मकान बने हैं उन्हे खाली करने के नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह फर्जीवाडा कई दशक पहले किया गया था।

41 बीघा भूमि की हेराफेरी

बताया गया कि डासना स्थित खसरा नंबर 2590 की 41 बीघा भूमि बंजर में दर्ज थी। भूमाफिया ने हेराफेरी करके इस भूमि के खसरा नंबर बदल डाले और जमीन को बेच डाला। डीएमई घोटाले की जांच के दौरान जब खसरा नंबरों की जांच की गई तो गड़बड़ी दिखी। जब अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन किया गया तो गड़बडी सामने आ गई। जांच के दौरान सामने आया कि कुल 41 बीघा बंजर भूमि में हेराफेरी की गई।

अधिकारियों की भी जांच

यह पूरा खेल बिना अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। ऐसे में इस फर्जीवाड़े के दौरान कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी तैनात थे इसकी भी जांच की जाएगी। हालांकि यह हेराफेरी कई दशक पहले की गई थी।

सदर अप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह ने कहा, 'इस मामले में पूरी तरह से न्यायायिक प्रक्रिया अपनाई गई है। जांच के दौरान पाया गया है कि 1395 फसली से पहले जमीन बंजर थी। इसके बाद उसमें फर्जीवाड़ा कर फेरबदल किया गया। अभिलेखों की जांच और साक्ष्यों के अवलोकन करने के बाद इस भूमि को बंजर में दर्ज करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिया गया है।'

न्यायालय जाने की तैयारी

लोगों ने यहां जमीन भूमाफियों से खरीदी थी। इस दौरान खसरा खतौनी में भूमि बेचने वालों के नाम दर्ज मिले। अब फर्जीवाड़ा का पता लगने पर लोग सकते में है। सूत्रों की माने तो लोग अब न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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