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दिल्ली सरकार ने ऐप आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने का दिया निर्देश, कब से होगा लागू?

दिल्ली एनसीआर में तमाम कवायदों के बावजूद प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। अब दिल्ली सरकार ने अपने परिवहन विभाग को ऐप आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। कब से होगा लागू?

दिल्ली सरकार ने ऐप आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने का दिया निर्देश, कब से होगा लागू?
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीWed, 08 Nov 2023 10:25 PM
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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने परिवहन विभाग को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ऐप-आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को यह जानकारी दी। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इस पर एक विस्तृत आदेश से ही स्पष्ट होगा कि प्रतिबंध इस सप्ताह से लागू होगा या ऑड-ईवन कार योजना के कार्यान्वयन के दौरान लागू होगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध केवल ऑड-ईवन अवधि के दौरान लागू करने की योजना है।

यात्रियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा- कैब इंडस्ट्री
कैब इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों ने कहा कि उन्हें परिवहन विभाग से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि इन कैब की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने से यात्रियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों पर भी भार बढ़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि परिवहन विभाग इस मुद्दे पर एक विस्तृत आदेश जारी करेगा और इससे चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।

अधिकांश टैक्सियों में केवल एक यात्री 
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से कहा था कि वह शहर की सड़कों पर सिर्फ स्थानीय रूप से पंजीकृत टैक्सियों को चलाने की अनुमति देने पर विचार करे। उसने कहा था कि अन्य राज्यों में पंजीकृत टैक्सियां बड़ी संख्या में सड़कों पर नज़र आती है, जिनमें केवल एक यात्री सवार होता है। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐप-आधारित ऐसी टैक्सियां हैं जो दूसरे राज्यों में पंजीकृत होती हैं। 

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने...
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि यदि हम सड़कों पर नजर डालें तो हर टैक्सी में केवल एक ही यात्री सवार होता है। हम जानना चाहेंगे कि क्या निगरानी का कोई तरीका है, खासकर इस अवधि के दौरान कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक अतिरिक्त उपाय के रूप में केवल दिल्ली में पंजीकृत टैक्सियों को चलने की अनुमति दी जाए। 

परिवहन विभाग को निर्देश 
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड टैक्सियों को दिल्ली में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। सर्वोच्च अदालत के आदेशों के मद्देनजर दिल्ली के बाहर की ऐप-आधारित टैक्सियों को शहर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए परिवहन विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि नारंगी स्टिकर वाली डीजल कारों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

कितने बीएस-छह डीजल वाहन
गोपाल राय ने कहा- हमने परिवहन विभाग से यह भी जांच करने को कहा है कि ऐसे कितने वाहन हैं। परिवहन विभाग को यह जांच करने के लिए कहा गया है कि कितने बीएस-छह डीजल वाहन हैं और यदि उन पर प्रतिबंध लगाया जाता है और (यदि) सम-विषम लागू किया जाता है तो इसका क्या असर होगा। सनद रहे ग्रैप के दिशानिर्देशों के तहत, बीएस तीन और बीएस चार डीजल वाहनों पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है।

व्यापक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
गोपाल राय ने कहा- परिवहन विभाग को एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। हम इसे शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे। दिल्ली सरकार ने बुधवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सम-विषम की प्रभावशीलता की समीक्षा करने और इस बाबत आदेश जारी करने के बाद इसे राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया जाएगा।

परिवहन विभाग जारी करेगा विस्तृत आदेश
वहीं एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग दिशानिर्देश तय करते हुए एक विस्तृत आदेश जारी करेगा। उस आदेश से यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रतिबंध इसी सप्ताह से लागू होगा या सम-विषम लागू होने के दौरान प्रभावी होगा। सम-विषम योजना के कार्यान्वयन की अवधि के दौरान ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐप-आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध रहेगा। 

ऐप-आधारित टैक्सियों पर लागू हो सकते हैं आंशिक प्रतिबंध
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग ऑड-ईवन के कार्यान्वयन के दौरान दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐप-आधारित टैक्सियों पर आंशिक प्रतिबंध लागू कर सकता है और ऑड नंबर वाली कैब को विषम दिनों में और ईवन पंजीकरण संख्या वाली गाड़ियों को सम दिनों में चलाने की अनुमति दे सकता है। वहीं कैब उद्योग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि ऐप-आधारित सभी कैब सीएनजी से चलती हैं और सड़कों से निजी वाहन की संख्या को कम करने में मदद करती हैं।

कैब एग्रीगेटर 'उबर' का आया बयान
ऐसी कैब पर प्रतिबंध लगाने का मतलब होगा कि सड़कों पर अधिक निजी पेट्रोल और डीजल वाहन होंगे। इससे सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों पर भी अनावश्यक दबाव पड़ेगा और दैनिक यात्रियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कैब एग्रीगेटर 'उबर' ने एक बयान में कहा कि हमें परिवहन विभाग से कोई आदेश नहीं मिला है। हम दोहराना चाहते हैं कि दिल्ली में उबर मंच पर उपलब्ध सभी कारें सीएनजी या इलेक्ट्रिक हैं।

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