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क्या दिल्ली में पहली नवंबर से डीजल बसों पर लगेगी रोक? केजरीवाल सरकार ने उठाई मांग

Diesel Buses Ban in Delhi: दिल्ली सरकार ने केन्द्र से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों से एनसीआर में आने वाली खराब गुणवत्ता वाले डीजल से चल रहीं बसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

क्या दिल्ली में पहली नवंबर से डीजल बसों पर लगेगी रोक? केजरीवाल सरकार ने उठाई मांग
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीMon, 30 Oct 2023 12:40 AM
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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केजरीवाल सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों में खराब गुणवत्ता वाले डीजल से संचालित हो रही बसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने ने रविवार को कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का औचक निरीक्षण किया और कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की एक प्रमुख वजह वाहनों से होने वाला उत्सर्जन भी है। उन्होंने कहा कि पाया गया है कि हरियाणा, राजस्थान और यूपी में पंजीकृत सभी बसें बीएस3 और बीएस4 की श्रेणी की हैं।

परिवहन विभाग चलाएगा अभियान
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में संचालित हो रही बसें केवल सीएनजी और बिजली से चलती हैं जबकि पड़ोसी राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) की बसें बीएस3 और बीएस4 हैं। उन्होंने बताया कि अब बुधवार से दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों पर प्रदूषित ईंधन से संचालित बसों के खिलाफ परिवहन विभाग जांच अभियान चलाएगा।

यूपी, हरियाणा और राजस्थान से आने वाली बसों पर रोक
गोपाल राय ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कश्मीरी गेट बस अड्डे का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अभी गाड़ियों से प्रदूषण ज्यादा हो रहा है। दिल्ली में सभी बसें सीएनजी पर चल रही हैं। साथ ही, 800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें भी चल रही हैं, लेकिन यूपी, हरियाणा और राजस्थान से आने वाली बीएस-3 और बीएस- 4 डीजल बसों के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। 

खराब क्वालिटी की बसों पर रोक लगाने की मांग
गोपाल राय ने आईएसबीटी में निरीक्षण के दौरान पाया कि यूपी और हरियाणा से आने वाली सभी बसें बीएस-3 और बीएस- 4 हैं। वहां से आने वाली कोई भी बस इलेक्ट्रिक या सीएनजी पर नहीं चल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी मांग की है कि वह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों में संचालित होने वाली इन बसों को प्रतिबंधित करें।

वायु गुणवत्ता आयोग ने आदेश दिया था
राजधानी में सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए बीते दिनों वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इसमें तय किया गया था कि 1 नवंबर से दिल्ली के भीतर एनसीआर से आने वाली डीजल बसें प्रवेश नहीं करेंगी। एनसीआर के राज्यों से दिल्ली के भीतर केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-6 वाली बसें ही आ सकेंगी। इस आदेश का पालन करते हुए रविवार को दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इससे दिल्ली आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 

हवा धीमी होने से बढ़ रहा प्रदूषण
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में बढ़ रहा है। इसका बड़ा कारण हवा की धीमी रफ्तार है। दिल्ली के प्रदूषण में पीएम 2.5 बढ़ रहा है, जबकि पीएम 10 की मात्रा कम है। इससे साफ पता चलता है कि अभी के समय धूल का प्रदूषण कम है, लेकिन वाहनों का प्रदूषण ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान चला रही है।

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