ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRबकाया 22 लाख और DPR के लिए 10 लाख दें, DMRC ने जीडीए से मांगी रकम; साहिबाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन

बकाया 22 लाख और DPR के लिए 10 लाख दें, DMRC ने जीडीए से मांगी रकम; साहिबाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन

इस रूट के लिए वर्ष 2020 में तैयार डीपीआर में 1,517 करोड़ लागत आई थी, लेकिन अब तीन साल बाद लागत बढ़ने की संभावना है। क्योंकि इसमें एक अतिरिक्त स्टेशन भी बनाया जा सकता है। DMRC को पत्र भेजा गया है।

बकाया 22 लाख और DPR के लिए 10 लाख दें, DMRC ने जीडीए से मांगी रकम; साहिबाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन
Nishant Nandanहिन्दुस्तान,साहिबाबादMon, 04 Dec 2023 07:54 AM
ऐप पर पढ़ें

नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद तक मेट्रो प्रोजेक्ट की बाधा दूर नहीं हो पा रही है। डीएमआरसी ने जीडीए से संशोधित डीपीआर तैयार करने के लिए दस लाख और बकाये के 22 लाख रुपये मांगे, लेकिन प्राधिकरण ने सिर्फ साढ़े पांच लाख रुपये ही दिए। ऐसे में डीएमआरसी संशोधित डीपीआर तैयार करेगा या नहीं अभी तक उसने कोई सहमित पत्र नहीं भेजा है।

जीडीए मेट्रो की रेड और ब्लू लाइन को जोड़ने में जुटा है। वर्ष 2020 में वैशाली और नोएडा सेक्टर-62 से मोहनगर तक मेट्रो फेज तीन के दो प्रोजेक्ट की योजना थी, जिसकी कुल लागत 3325.22 करोड़ रुपये आ रही थी। फिर जीडीए ने दो रूट की जगह एक रूट पर आगे बढ़ने का फैसला लिया और नोएडा सेक्टर 62 से साहिबाबाद मेट्रो रूट को प्रथमिकता दी गई। इस रूट की पूर्व में तैयार डीपीआर में लागत 1,517 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब इस रूट की संशोधित डीपीआर तैयार कराई जा रही है। प्राधिकरण ने डीएमआरसी से संशोधित डीपीआर तैयार करने को कहा तो डीएमआसी ने संशोधित डीपीआर तैयार करने के लिए दस लाख रुपये और पूर्व मेट्रो प्रोजेक्ट का बकाया करीब 23 लाख रुपये देने का पत्र भेज दिया।

 इस पर प्राधिकरण ने डीएमआरसी को सिर्फ साढ़े पांच लाख रुपये का भुगतान करते हुए संशोधित डीपीआर तैयार करने के बाद बाकी रकम देने का पत्र भेजा है। अभी तक डीएमआरसी की तरफ से इस पत्र का जवाब नहीं दिया गया है कि वह संशोधित डीपीआर तैयार करने में जुटा है या पूरा भुगतान होने के बाद ही संशोधित डीपीआर तैयार करेगा। ऐसे में संशोधित डीपीआर तैयार होने का मामला अभी तक साफ नहीं हो सका है। 

लागत बढ़ेगी

इस रूट के लिए वर्ष 2020 में तैयार डीपीआर में 1,517 करोड़ लागत आई थी, लेकिन अब तीन साल बाद लागत बढ़ने की संभावना है। क्योंकि इसमें एक अतिरिक्त स्टेशन भी बनाया जा सकता है। ऐसे में जीडीए के सामने चुनौती है कि वह इस प्रोजेक्ट का फंड कैसे जुटाएगा। क्योंकि पूर्व में भी जीडीए ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए शासन से 50 फीसदी फंडिंग की मांग की थी।

जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता, मानवेंद्र सिंह ने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर तैयार करने के लिए डीएमआरसी को साढ़े पांच लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। साथ ही इस संबंध में पत्र भी भेजा गया है, ताकि वह संशोधित डीपीआर तैयार कर दें।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें