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Hindi News NCRरामलीला ग्राउंड में घुसे सांड, आपस में भिड़े, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत; अखिलेश ने शेयर किया VIDEO

रामलीला ग्राउंड में घुसे सांड, आपस में भिड़े, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत; अखिलेश ने शेयर किया VIDEO

मंगलवार शाम को रावण व कुमभकरण दहन की तैयारी की जा रही थी। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। जिस स्थान पर रावण व कुम्भकरण के पुतले लगाए गए थे

रामलीला ग्राउंड में घुसे सांड, आपस में भिड़े, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत; अखिलेश ने शेयर किया VIDEO
Swati Kumariहिंदुस्तान,गाजियाबादWed, 25 Oct 2023 09:23 PM
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गाजियाबाद के मोदीनगर की गोविन्दपुरी कॉलोनी स्थित महर्षि इंटर कॉलेज के मैदान में रावण दहन के दौरान सांडों के झुंड द्वारा जमकर उत्पात मचाया गया। इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने बीस मिनट की मशक्कत के बाद सांडों को काबू में पा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। नगर की गोविन्दपुरी कॉलोनी स्थित महर्षि इंटर कॉलेज के मैदान में रावण व कुंभकर्ण दहण किया जाता है।

मंगलवार शाम को रावण व कुंभकर्ण दहन की तैयारी की जा रही थी। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। जिस स्थान पर रावण व कुंभकर्ण के पुतले लगाए गए थे ,वहां पर बैरिकेडिंग की गई थी। वहां से भीड़ दस फीट की दूरी पर थी। मंगलवार शाम साढे छह बजे के आसपास अचानक जिस स्थान पर पुतले रखे गए थे,वहां पर अचानक पांच सांड आ गए और उत्पात मचाने लगे। सांड आपस में लड़ने लगे। इस दौरान मैदान में अफरा तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीस मिनट की मशक्कत के बाद किसी तरह लाठी डंडों से सांडों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखा गया। बताया जा रहा है कि सांडों को मैदान से एक किलोमीटर दूर जाकर छोड़ा गया। सांडों के उत्पात मचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। हालाकि हिन्दुस्तान अखबार वायरल वीडियो की पुष्ठि नहीं करता है। एसीपी ने बताया कि इसमें किसी को कोई हानि नहीं हुई है।

वहीं, मोदीनगर में रामलीला मैदान में सांड के घुसने पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फेसबुक और एक्स पर लिखा है। उन्होंने लिखा, 'प्रशासन का कार्य मेलों के लिए न केवल अनुमति देना बल्कि सुरक्षा व्यवस्था देखना भी होता है। यदि मेले में खुले घूमते हुए अन्ना पशु मेला प्रशासन और पुलिस को नहीं दिख रहे हैं तो उन असामाजिक तत्वों से जनता की सुरक्षा कैसे होगी जो दिखते भी नहीं हैं। जनता की हिफ़ाज़त करना सरकारों का सबसे संवेदनशील कर्तव्य होता है।'

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