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मरीज के पर्चे पर वार्ड बॉय ने लिख दी दवा, खुलासा होने पर सीएमएस ने बैठाई जांच

गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में एक महिला को वार्ड बॉय की ओर से बाहरी दवा लिखने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वार्ड बॉय ने दवा लिखकर महिला से उसे खरीदने के बाद दिखाने की बात भी कही थी।

मरीज के पर्चे पर वार्ड बॉय ने लिख दी दवा, खुलासा होने पर सीएमएस ने बैठाई जांच
Praveen Sharmaगाजियाबाद। हिन्दुस्तानSat, 15 Jun 2024 01:34 PM
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गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में एक महिला को वार्ड बॉय की ओर से बाहरी दवा लिखने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वार्ड बॉय ने दवा लिखकर महिला से उसे खरीदने के बाद दिखाने की बात भी कही थी। महिला दवा खरीदकर जब उसे दिखाने के लिए गई तो पता चला कि वह कोई डॉक्टर नहीं था। इसके बाद महिला ने इसकी शिकायत वहां मौजूद डॉक्टर और अस्पताल के सीएमएस से की है। महिला की शिकायत पर इस मामले में जांच बैठाई गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, विजय नगर की रहने वाली समीना घुटनों में दर्द की शिकायत लेकर शुक्रवार को एमएमजी अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर को दिखाने पहुंचीं। डॉक्टर ने उन्हें एक्स-रे कराने के साथ ही कुछ दवाइयां भी लिखीं। करीब आधे घंटे बाद समीना एक्स-रे रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के कमरे में पहुंची तो वहां वह मौजूद नहीं थे।

आरोप है कि एक वार्ड बॉय ने उनसे एक्स-रे ले लिया। इस दौरान समीना ने उस वॉर्ड बॉय को डाक्टर समझ लिया। वॉर्ड ब्वाय ने उन्हें बताया कि उनके घुटनों के बीच में गैप कम हो गया है, इसके इलाज के लिए दवा लेने के साथ एक्सरसाइज भी करनी होगी। मरीज समीना ने डॉक्टर की लिखी दवा वार्ड बॉय को दिखाई। इस पर उसने कहा कि इन दवाओं के साथ-साथ बाहर की भी दवा लेनी होगी और एक पर्चे पर बाहर की महंगी दवा विटामिन-डी, कैल्शियम और पेन किलर लिख दी। इसके साथ ही वार्ड बॉय ने दवा खरीदकर उसे दिखाने के लिए भी कहा।

जूनियर डॉक्टर से बात होने पर हुआ खुलासा : समीना ने वॉर्ड बॉय को ही डॉक्टर समझकर बाहर से लगभग छह सौ रुपये की दवा खरीद ली। दवा खरीदने के बाद वह वार्ड व्वाय को दवा दिखाने के लिए पहुंचीं, तब तक वॉर्ड बॉय वहां से जा चुका था। इसी दौरान उन्हें एक जूनियर डॉक्टर नजर आया। उन्होंने दवा देखकर इन्हें खाने का तरीका बता दिया। इसके बाद समीना को पता चला कि बाहरी दवा डॉक्टर ने नहीं, बल्कि वार्ड बॉय ने लिखी थी। इस मामले में समीना ने वहां मौजूद डॉक्टर और सीएमएस से शिकाय्त की।

एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि वार्ड बॉय दवा नहीं लिख सकते। दवा लिखने का काम डॉक्टरों का है। घटना संज्ञान में आई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।