ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRइंदिरापुरम में 7 भूखंडों का आवंटन रद, 21 साल पहले किए गए थे अलॉट, GDA की कड़ी कार्रवाई

इंदिरापुरम में 7 भूखंडों का आवंटन रद, 21 साल पहले किए गए थे अलॉट, GDA की कड़ी कार्रवाई

इंदिरापुरम योजना में करीब 21 वर्ष पूर्व नियम के खिलाफ किए गए सात भूखंडों का आवंटन जीडीए ने बुधवार को निरस्त कर दिया। जीडीए अब इन भूखंडों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल कर उसे बेचेगा।

इंदिरापुरम में 7 भूखंडों का आवंटन रद, 21 साल पहले किए गए थे अलॉट, GDA की कड़ी कार्रवाई
gda
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 20 Jun 2024 03:16 PM
ऐप पर पढ़ें

गाजियाबाद के इंदिरापुरम योजना में करीब 21 वर्ष पूर्व नियम के खिलाफ किए गए सात भूखंडों का आवंटन जीडीए ने बुधवार को निरस्त कर दिया। अब यह भूखंड नीलामी प्रक्रिया में शामिल कर बेचे जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे प्राधिकरण को 40 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। हालांकि जांच कमेटी ने किसी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति नहीं की है।

वर्ष 2003-04 में भाजपा नेता और पूर्व जीडीए बोर्ड सदस्य राजेंद्र त्यागी ने इंदिरापुरम में नियम विरुद्ध भूखंड आवंटित किए जाने की शिकायत दी थी। फिर वर्ष 2010 में पूर्व विधायक रवींद्र कुमार ने इस मामले को उठाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। आरोप था कि वर्ष 2003-04 में तत्कालीन जीडीए सचिव श्याम सिंह यादव ने पद का दुरुपयोग करते हुए परिचितों और रिश्तेदारों के नाम नियम विरुद्ध भूखंड आवंटित कर दिए। उस समय तत्कालीन जीडीए सचिव श्याम सिंह यादव के पास 200 वर्गमीटर तक के भूखंड के आवंटन का अधिकार था। जनवरी 2023 के पहले हफ्ते में हुई हाई कोर्ट में पूर्व विधायक की याचिका पर सुनवाई के दौरान इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का हलफनामा तलब किया।

फिर इस मामले को लेकर पुरानी फाइलें खंगालीं गईं, जिसमें पता चला कि इन भूखंडों का अवंटी गलत तरीके से हुआ है। जीडीए की तरफ से मामले में पैरवी नहीं किए पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था। फिर प्राधिकरण में इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई, जिसने करीब डेढ़ साल बाद नियम विरुद्ध आवंटित भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया की जांच पूरी कर ली और रिपोर्ट जीडीए सचिव को सौंपी।

यह भूखंड हुए निरस्त

सूत्र बताते हैं कि जांच कमेटी को फाइलें खंगालने पर पता चला कि धर्म सिंह यादव को रचना वैशाली योजना में आवंटित एचआईजी के स्थान पर ज्ञानखंड-दो में भूखंड संख्या-161 आवंटित किया। पुष्पा यादव को इंदिरापुरम योजना के एलआईजी के स्थान पर इसी योजना में भूखंड संख्या-192 परिवर्तित कर आवंटित किया। गोपीचंद को एलआईजी के स्थान पर भूखंड संख्या-200, संजय कुमार को कर्पूरीपुरम के फ्लैट के स्थान पर भूखंड संख्या-197 का आवंटन किया। सभी भूखंड इंदिरापुरम योजना के ज्ञानखंड-दो में आवंटित किए। वहीं हस्तिनापुर योजना, जो निरस्त हो गई थी, उसके स्थान पर इंदिरापुरम योजना के ज्ञानखंड में भूखंड संख्या 194, भूखंड 195, भूखण्ड 196 आवंटित किए थे। इन सभी भूखंडों को निरस्त कर दिया गया है।

दोबारा पूरे मामले का परीक्षण होगा

सूत्र बताते हैं कि इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने किसी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति नहीं की थी। कार्रवाई के मामले में कमेटी को दोबारा से पूरे मामले का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह को भी कमेटी में शामिल किया गया है। ताकि जल्द कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश कर सके।

जीडीए के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि इंदिरापुरम योजना के तहत नियमों की अनदेखी कर अलॉट किए गए सात भूखंडों के मामले की जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर सभी सातों भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।