फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया कुतुब मीनार का दीदार, ASI के अधिकारियों से पूछी यह बात
इमैनुएल मैक्रों रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे कुतुब मीनार घूमने पहुंचे और लगभग पौन घंटा कुतुब परिसर में बिताया। यहां मैक्रों का पारंपरिक ढंग से तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया।

जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को दिल्ली में कुतुब मीनार का दीदार किया। कुतुब परिसर में लौह स्तंभ के पास चल रहे संरक्षण कार्य के बारे में जानने को लेकर वह काफी उत्सुक दिखे।
मैक्रों दोपहर साढ़े तीन बजे कुतुब मीनार घूमने पहुंचे और लगभग पौन घंटा कुतुब परिसर में बिताया। यहां मैक्रों का पारंपरिक ढंग से तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्मारक का संरक्षण किस प्रकार से होता है, इस बारे में जाना। लौह स्तंभ के पास चल रहे संरक्षण कार्य वाली जगह पर लगभग उन्होंने दस मिनट बिताए।
इस बीच उन्हें पत्थर तराशने और संरक्षण प्रक्रिया से रूबरू कराया गया। उन्होंने विजिटर बुक में इतिहास के हिस्से को संरक्षित करने और दौरे के लिए धन्यवाद की बात लिखी। वहीं, रविवार को हुमायूं के मकबरे को देखने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति की पत्नी और सफदरजंग मकबरा के दीदार के लिए यूरोपियन यूनियन के सदस्य भी पहुंचे।
ऐतिहासिक स्थलों की खास सजावट
जी-20 शिखर सम्मेलन को देखते हुए लालकिला, हुमायूं का मकबरा, सफदरजंग मकबरा, जंतर-मंतर और कुतुब मीनार को विशेष तौर पर सजाया गया था। घूमने के लिए हुमायूं का मकबरा विदेशी अतिथियों की पहली पसंद रहा। अर्जेंटीना और बेल्जियम के राष्ट्राध्यक्ष, तुर्किये की प्रथम महिला सहित यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधि, नीदरलैंड के मेहमान अलग-अलग दिन में यहां घूमने पहुंचे। बेल्जियम के राष्ट्राध्यक्ष ने लोधी गार्डन का भी दौरा किया। ब्राजील, बेल्जियम, स्पेन, तुर्किये और अर्जेंटीना से आए अतिथि लालकिला देखने भी गए।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।
प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
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