ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRनौ वर्ष में तीसरी बार नवंबर सबसे ज्यादा रहा प्रदूषित, पूरे माह में एक दिन भी सांस लेने लायक नहीं रही हवा

नौ वर्ष में तीसरी बार नवंबर सबसे ज्यादा रहा प्रदूषित, पूरे माह में एक दिन भी सांस लेने लायक नहीं रही हवा

सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि पूरे महीने का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 372 के अंक पर रहा है। जो कि वर्ष 2015 के बाद से शुरू हुए वायु गुणवत्ता सूचकांक की प्रणाली में तीसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित महीना

नौ वर्ष में तीसरी बार नवंबर सबसे ज्यादा रहा प्रदूषित, पूरे माह में एक दिन भी सांस लेने लायक नहीं रही हवा
Swati Kumariहिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 30 Nov 2023 11:02 PM
ऐप पर पढ़ें

बीते नौ वर्ष में तीसरी बार नवंबर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा है। पूरे महीने में एक दिन भी हवा सांस लेने लायक नहीं रही। हवा की रफ्तार कम रहने के चलते लोगों को सामान्य से ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ा है। दिल्ली में नवंबर में नौ दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में रही। 17 दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में रहा है। सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि पूरे महीने का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 372 के अंक पर रहा है। जो कि वर्ष 2015 के बाद से शुरू हुए वायु गुणवत्ता सूचकांक की प्रणाली में तीसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित महीना है। वर्ष 2021 में नवंबर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा है। इस वर्ष नवंबर का औसत सूचकांक 377 रहा था, जबकि 2016 का औसत सूचकांक 374 रहा था।

विपरीत मौसम के चलते ऐसे हालात बने
हालांकि, इस बार नवंबर में बीते बारह साल की तुलना में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इसके चलते प्रदूषण के स्तर में हल्की कमी भी आई, लेकिन यह राहत बस थोड़े दिन मिली। महीने में हवा की औसत रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटे तक की रही। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन बेहद धीमा रहा। केन्द्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार, विपरीत मौसम के इन्हीं कारकों की वजह से इस बार नवंबर पहले से ज्यादा प्रदूषित रहा है। हालांकि, जनवरी से नवंबर का समग्र तौर पर अगर प्रदूषण देखें तो अभी भी यह साल पिछले छह सालों की तुलना में कम प्रदूषित रहा है।
 
वर्ष    नवंबर का औसत सूचकांक
2015    358
2016    374
2017    361
2018    335
2019    312
2020    328
2021    377
2022    320
2023    372

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें