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एनसीआररफ्तार पर नजर : गलत ड्राइविंग पर पांच सेकेंड का वीडियो खोलेगा पोल

ट्रांस हिंडन | प्रमुख संवाददाताPublished By: Praveen
Sat, 09 Nov 2019 07:56 PM
रफ्तार पर नजर : गलत ड्राइविंग पर पांच सेकेंड का वीडियो खोलेगा पोल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद पूरे दिल्ली से मेरठ तक पूरे मार्ग पर प्रत्येक दो किलोमीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। लेकिन यूपी गेट से डासना के बीच 10 अत्याधुनिक घटना पहचान कैमरे लगाए जाएंगे। इससे गलत ड्राइविंग करने वालों की फुटेज सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। यह 10 स्मार्ट कैमरे गलत ड्राइविंग का पांच सेकेंड का वीडियो बनाकर उसे कंट्रोल रूम भेजेंगे। इसके बाद चालक के पते पर चालान भेजा जाएगा। कंट्रोल रूम लालकुआं पर बनाया जाएगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे अगले वर्ष पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। तेज रफ्तार एक्सप्रेस वे पर लगातार निगरानी की आवश्यकता होगी, इसलिए पूरे एक्सप्रेस वे पर प्रत्येक दो किलोमीटर के अंतराल पर कैमरे लगाए जाएंगे। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सभी वाहनों में लगने के बाद इन कैमरों के जरिए प्लेट की फुटेज भी प्राप्त की जा सकेगी।

गति मापने के लिए यहां लगेंगे कैमरे

एक्सप्रेस वे पर गति मापने के लिए चार स्थानों पर गति मापने के अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को प्रताप विहार गंगाजल प्लांट कट, बम्हैटा, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे जंक्शन से के पास तथा परतापुर के पास लगेगा।

इन स्थानों पर प्रस्तावित है टोल प्लाजा

एनएचएआई गाजियाबाद में लालकुआं के पास, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दो किलोमीटर आगे, भोजपुर और मेरठ में परतापुर के पास टोल प्लाजा बनाएगा। इन टोल प्लाजा से ही एक्सप्रेस वे पर चढ़ने और उतरने की जगह होगी। वाहन चालक टोल प्लाजा पर प्रवेश करने पर पर्ची लेंगे और जिस जगह उतरेंगे वहां पर्ची देकर टोल चुकाकर बाहर निकल सकेंगे।

''यूपी गेट से डासना तक 10 इंसीडेंट डिटेक्शन कैमरे (घटना को पहचानने वाले कैमरे) लगाए जाने हैं। स्पीड रडार भी चार स्थानों पर लगाए जाने हैं। इससे निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाने वालों की पहचान संभव होगी।'' -आरपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

एप पर जान सकेंगे ई-चालान की जानकारी

गाजियाबाद (संवाददाता) |वाहन चालक एम-परिवहन एप के जरीए अपने मोबाइल ई-चालान की जानकारी ले सकते हैं। परिवहन विभाग की ओर से जारी किए गए एम-परिवहन एप में वाहन नंबर लिखकर विवरण की जानकारी मिल जाएगी। इसमें वाहन नंबर पर कटने वाले ई चालान, फिटनेस, इंश्योरेंस और प्रदूषण का विवरण भी देख सकते हैं।

परिवहन विभाग की ओर से चालकों की सुविधाओं के लिए विभिन्न ऑनलाइन प्रक्रियाएं जारी की गई हैं। लाइसेंस और वाहन संबंधित अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। साथ ही चालक अपने वाहन पर कटने वाले चालान की जानकारी मोबाइल के माध्यम से ले सकते हैं। एमवी एक्ट 2019 के जारी होते ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई।

यातायात पुलिस और परिवहन विभाग प्रवर्तन की टीम वाहन की फोटो खींच कर उसका ई-चालान कर देते हैं। इसमें लोगों को अपने वाहन पर चालान कटने की जानकारी नहीं मिल पाती है। चालान का मैसेज परिवहन विभाग में वाहन पंजीकरण के दौरान अपडेट हुए मोबाइल नंबर पर ही आता है। यदि वह नंबर चालक इस्तेमाल नहीं कर है तो उसके पास किसी प्रकार की सूचना नहीं मिल पाती है।

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