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दो दिन में अपडेट करा लें फास्टैग, नहीं तो एक फरवरी से होंगे ब्लैकलिस्ट; पढ़ें अपडेट का पूरा प्रोसेस

एक्सप्रेसवे-नेशनल हाईवे से जाने वाले लोगों के लिए दो दिन में फास्टैग अपडेट करना जरूरी है। यदि आपने ऐसा नहीं किया तो एक फरवरी से ब्लैकलिस्ट हो जाएंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन फास्टैग अपडेट करवा

दो दिन में अपडेट करा लें फास्टैग, नहीं तो एक फरवरी से होंगे ब्लैकलिस्ट; पढ़ें अपडेट का पूरा प्रोसेस
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 30 Jan 2024 05:59 AM
ऐप पर पढ़ें

एक्सप्रेसवे-नेशनल हाईवे पर चलने वालों को अपने फास्टैग का नो योर कस्टमर (केवाईसी) 31 जनवरी रात 12 बजे तक अपडेट करना होगा। फास्टैग अपडेट करने की सुविधा ऐप के साथ ऑनलाइन भी मिलेगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने साफ किया है कि अब एक वाहन पर एक ही फास्टैग चलेगा, जिसे अपडेट करना जरूरी होगा। केवाईसी अपडेट न करने वाले फास्टैग को एक फरवरी से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, लोग उसके बाद भी अपडेट कर सकते हैं, लेकिन एक फरवरी से टोल प्लाजा से वाहन तभी गुजर सकेगा जब फास्टैग में केवाईसी अपडेट होगा और वो ब्लैकलिस्ट नहीं होगा।

लोगों के सामने कई समस्याएं खड़ी हो रहीं 

एनएचएआई के इस फैसले के बाद काफी लोग उलझन में फंसे हैं, क्योंकि कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर पर फास्टैग जारी कराया है। खासकर, नए वाहन लेते समय उसका कोई नंबर नहीं होता है। ऐसे में फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनियां मोबाइल नंबर पर ही वाहन की श्रेणी के हिसाब से फास्टैग जारी कर देती हैं। यानी कोई ग्राहक कार ले रहा है तो उसे फोर व्हीलर और कोई 10 टायर का ट्रक ले रहा है तो उसे कमर्शियल श्रेणी में फास्टैग जारी होता है।

वाहन और फास्टैग के नामों में अंतर 

देश में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी कार किसी दूसरे नाम पर है और फास्टैग किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया है और मोबाइल नंबर से जारी हुआ है।

पूरी जानकारी एक व्यक्ति के नाम होनी चाहिए 

एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि नियमों के हिसाब से फास्टैग लेने वाले व्यक्ति का केवाईसी अपडेट होना चाहिए। ऐसी स्थिति में गाड़ी भी उस व्यक्ति के नाम होनी चाहिए। अभी शुरुआत में यह छूट रहेगी कि गाड़ी भले ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो, लेकिन जो व्यक्ति फास्टैग जारी करा रहा है, उसका केवाईसी होना जरूरी है। आगे चलकर यह अनिवार्य कर दिया जाएगा, कि गाड़ी, फास्टैग और केवाईसी का डाटा एक ही व्यक्ति का होना चाहिए।

डिमांड भेज सकेंगे 

अब अगर कोई बिना टोल चुकाए जाता है तो टोल एजेंसी फास्टैग नंबर के आधार पर संबंधित टोल शुल्क काटने की डिमांड उस बैंक को भेज सकेंगे, जिसका फास्टैग गाड़ी पर लगा हुआ है।

ये तरीके अपनाएं

वेबसाइट

सबसे पहले https// fastag. ihmcl.com/ पर जाएं, जहां अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से लॉगइन करें। इसके बाद डैशबोर्ड मेन्यू में माय प्रोफाइल ऑप्शन को खोलें। माय प्रोफाइल ऑप्शन में केवाईसी का स्टेटस चेक करें। अगर केवाईसी पूरी नहीं है तो केवाईसी सब-सेक्शन में जाएं, जहां पर जरूरी जानकारी जैसे आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और फोटो जमा करें। इसके बाद सबमिट ऑप्शन पर क्लिक कर दें।

ऐप

आपने जिस भी कंपनी का फास्टैग जारी करा रखा है उसका फास्टैग वॉलेट ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। फिर फास्टैग में दर्ज मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और उसके बाद माय प्रोफाइल में जाएं, जहां केवाईसी पर क्लिक करें। इसके बाद देखें कि क्या आपका केवाईसी अपडेट है। अगर केवाईसी अपडेट नहीं है तो फिर केवाईसी फिल ऑप्शन पर क्लिक करके मांग गई जानकारी दें।

ऑफलाइन

आप संबंधित बैंक या फिर टोल प्लाजा पर बने हेल्प काउंटर पर जाकर भी केवाईसी करा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपके पास पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार, पैन और गाड़ी की आरसी होनी चाहिए। ध्यान रहे कि सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होनी है। बैंक और सुविधा केंद्र सिर्फ आपको आपके मोबाइल में स्टॉल मोबाइल ऐप के जरिए केवाईसी करने में मदद करेंगे।
 

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