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एनसीआरसांसों के जूझती महिला लेकर 10 अस्पतालों में घूमे परिजन, पर नहीं बच पाई जान

मोदीनगर। चन्द्रशेखर त्यागीPublished By: Praveen Sharma
Wed, 12 May 2021 06:23 PM
सांसों के जूझती महिला लेकर 10 अस्पतालों में घूमे परिजन, पर नहीं बच पाई जान

कोरोना महामारी के इस दौर में गंभीर रूप से बीमार गाजियाबाद जिले के मोदीनगर निवासी 65 वर्षीय महिला की समय पर ऑक्सीजन और बेड नहीं मिलने के कारण मंगलवार शाम को मौत हो गई। महिला के परिजन सोमवार रात तीन बजे से मंगलवार शाम तक मोदीनगर व मेरठ के अस्पतालों में भटकते रहे, मगर कहीं भी ऑक्सीजन बेड नहीं मिला। इलाज के अभाव में महिला ने दम तोड़ दिया।

भोजपुर थानाक्षेत्र के गांव शकुरपुर निवासी प्रेमवती (65) को कई दिन से बुखार था। पहले तो परिजनों ने महिला का गांव में ही स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया। प्रेमवती के बेटे टीटू ने बताया कि स्थानीय डॉक्टर के इलाज से महिला के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं आया और उनकी तबीयत और बिगड़ती चली गई। सोमवार रात को अचानक महिला की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई और ऑक्सीजन लेवल काफी नीचे पहुंच गया। इसके बाद परिजन महिला को अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर मोदीनगर के सात अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन सभी ने ऑक्सीजन बेड खाली नहीं होने की बात कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। तीन अस्पतालों में तो गेट पर तैनात गार्ड ने ही अंदर नहीं जाने दिया।

इसके बाद परिजन महिला को मेरठ लेकर पहुंचे और कई अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए भट़कते रहे, लेकिन यहां भी ऑक्सीजन बेड नहीं मिलने के कारण प्रेमवती को भर्ती नहीं किया गया। प्रेमवती को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऑक्सीजन लेवल चेक किया तो वह 70 से नीचे आ गया था। मोदीनगर से लेकर मेरठ तक जब अस्पताल में ऑक्सीजन बेड नहीं मिला तो परिजन महिला को गांव वापस लेकर आने लगे। इस दौरान बीच रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।

कोरोना निगेटिव रिपोर्ट न होने पर महिला को अस्पताल में नहीं किया भर्ती

वहीं, सांस लेने में दिक्कत होने पर मोदीनगर की कृष्णापुरी कॉलोनी निवासी महिला को भी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए परिजन इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन किसी भी ने अस्पताल ने उन्हें भर्ती नहीं किया। परिजन महिला को अब मेरठ लेकर रवाना हो गए। कृष्णापुरी कॉलोनी निवासी राजकुमारी की तबीयत बुधवार दोपहर बारह बजे के आसपास अचानक खराब हो गई। महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन मोहित कुमार ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर पहले एंबुलेंस बुलाई, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन अपनी कार से महिला को सबसे पहले जीवन अस्पताल ले गए, लेकिन गेट पर गार्ड ने कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट नहीं होने पर उन्हें अस्पताल में अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद परिजन महिला को लोकप्रिय और प्रियदर्शिनी सहित कई अस्पतालों में ले गए, लेकिन वहां भी भर्ती नहीं किया गया। थक-हारकर परिजन महिला को मेरठ लेकर गए हैं।

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