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महाठग सुकेश चंद्रशेखर के मददगारों तक पहुंची जांच की आंच, EOW के रडार पर हैं रोहिणी जेल के 82 और अफसर

महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) की मदद करके भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद दिल्ली की रोहिणी जेल के 82 अधिकारी और कर्मचारी अब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के...

महाठग सुकेश चंद्रशेखर के मददगारों तक पहुंची जांच की आंच, EOW के रडार पर हैं रोहिणी जेल के 82 और अफसर
Praveen Sharmaनई दिल्ली। एएनआईFri, 21 Jan 2022 01:53 PM

महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) की मदद करके भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद दिल्ली की रोहिणी जेल के 82 अधिकारी और कर्मचारी अब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के रडार पर आ गए हैं। ईओडब्ल्यू ने तिहाड़ जेल प्रशासन से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रोहिणी जेल के इन अधिकारियों की जांच करने की अनुमति देने के लिए कहा है।

दिल्ली पुलिस द्वारा फोर्टिस हेल्थकेयर के अधिकारी से लगभग 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली में शामिल एक कैदी और महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) की मदद करने के आरोप में दिल्ली पुलिस द्वारा सात जेल कर्मियों की गिरफ्तारी के दो महीने बाद ईओडब्ल्यू ने इन कथित भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।

ईओडब्ल्यू ने तिहाड़ जेल को लिखा है कि रोहिणी जेल के उन 82 कर्मचारियों के खिलाफ जांच की जरूरत है जिन्होंने सुकेश की मदद की और उसे सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए। इससे पहले 10 जनवरी को तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल को पत्र लिखा गया था, जिसमें डीसीपी (ईओडब्ल्यू) मोहम्मद अली ने कहा था कि अब तक की गई जांच के दौरान, इस मामले में 07 जेल अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वे रोहिणी की जेल नंबर 10, वार्ड नंबर 03 और बैरक नंबर 204 से सुकेश चंद्रशेखर द्वारा संचालित संगठित अपराध सिंडिकेट को सुविधाजनक बनाने में शामिल पाए गए थे। सुकेश के पास लगातार जेल अधिकारियों के दो मोबाइल फोन थे।

ड्यूटी रोस्टर की जांच से खुले कई राज

पत्र में कहा गया है कि जेल कर्मचारियों के ड्यूटी रोस्टर की जांच और आरोपियों के बयानों से यह पता चला है कि सुकेश द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सुकेश की सलाह से ही कर्मचारियों को उसकी बैरक में तैनात किया जाता था। जब्त किए गए फोन के सीडीआरएस/ पीडीआरएस के विश्लेषण से यह पता चला कि सुकेश चंद्रशेखर के पास लगातार दो मोबाइल फोन थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिस पर रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह को धोखा देने और जबरन वसूली करने का आरोप है। शिविंदर मोहन को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड में धन की कथित हेराफेरी से संबंधित एक मामले में अक्टूबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था। 

चंद्रशेखर और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर खुद को सरकारी अधिकारियों के रूप में दर्शाते हुए अदिति से पैसे लिए और उनके पति को जमानत दिलाने का वादा किया। रोहिणी जेल में बंद चंद्रशेखर ने कथित तौर पर एक स्पूफ कॉल पर केंद्र सरकार का एक बड़ा अधिकारी बनकर अदिति के पति के लिए जमानत का प्रबंध करने का वादा करते हुए पैसे देने के लिए राजी किया।

अब तक 19 लोग गिरफ्तार

सुकेश चंद्रशेखर और उसकी अभिनेत्री पत्नी लीना मारिया पॉल दोनों को सितंबर में दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी को शक है कि चंद्रशेखर ने जेल में रहते हुए कई लोगों से रंगदारी वसूली की थी। घटना के वक्त चंद्रशेखर दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद था और सलाखों के पीछे से रंगदारी का रैकेट चला रहा था।

सितंबर में, ईडी ने जेल में बंद बदमाशों के दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हाल ही में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के कड़े प्रावधानों को लागू किया था। चंद्रशेखर कथित तौर पर जेल अधिकारियों और बाहर के कुछ सहयोगियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी और रंगदारी रैकेट चला रहा था। 

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