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डिप्रेशन में आकर इंजीनियर ने खुद रची थी अपहरण की साजिश, IIM में एडमिशन ने मिलने पर देना चाहता था जान

आईआईएम अहमदाबाद में एडमिशन नहीं मिला तो तनावग्रस्त होकर जान देने के लिए घर से निकलने आईआईटी से बीटेक पास एक इंजीनियर द्वारा खुद अपने ही अपहरण की झूठी रचकर अपने परिवार से 5 लाख रुपये फिरौती...

डिप्रेशन में आकर इंजीनियर ने खुद रची थी अपहरण की साजिश, IIM में एडमिशन ने मिलने पर देना चाहता था जान
नई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तान टीमTue, 21 Jul 2020 07:07 PM
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आईआईएम अहमदाबाद में एडमिशन नहीं मिला तो तनावग्रस्त होकर जान देने के लिए घर से निकलने आईआईटी से बीटेक पास एक इंजीनियर द्वारा खुद अपने ही अपहरण की झूठी रचकर अपने परिवार से 5 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस ने इंजीनियर को सकुशल बरामद कर मामले को सुलझा लिया।

जानकारी राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-5 में रहना वाला एक अवसाद ग्रस्त इंजीनियर अंकित गुप्ता (उम्र 24 वर्ष) खुदकुशी करने के लिए अपने घर से निकला और परिजनों को एसएमएस भेजकर अपने अपहरण की सूचना देकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, रोहिणी पुलिस ने महज साढ़े छह घंटे में इंजीनियर को तलाश कर उसे आत्महत्या करने से बचा लिया। दिल्ली आईआईटी से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित आईआईएम अहमदाबाद में प्रवेश नहीं मिलने से अवसाद ग्रस्त था।  

घटना 19 तारीख की है। वह शाम 6 बजे पास के कैनरा बैंक के एटीएम जाने के लिए अपने घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। रात 8 बजे उसके मोबाइल से उसके पिता विनोद गुप्ता के मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था, "अपने बच्चे को जिंदा देखना है तो कल तक 5 लाख रुपये का इंतेजार करें। इसके बाद परिजनों ने मामले की सूचना पीसीआर को दी। परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर अपहृत इंजीनियर की तलाश के लिए रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ और थाना बुद्ध विहार की संयुक्त टीम बनाई गई। 

पिता ने पुलिस को बताया कि अंकित गुप्ता आईआईटी दिल्ली से बीटेक हैं और वर्तमान में नोएडा में एक निजी फर्म में काम करता है। इसके बाद बुद्ध विहार थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और इस मामले में एफआईआर दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। अपराध की गंभीरता और गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए डीसीपी रोहिणी जिले के मार्गदर्शन पुलिस ने अपहृत इंजीनियर का पता लगाने के लिए तुरंत कार्रवाई की।

स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में दिखा

जांच के दौरान, पीड़ित के घर से कैनरा बैंक के एटीएम तक क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की अच्छी तरह से जांच की गई। पीड़ित को अपने घर से बाहर जाते हुए देखा गया था और एटीएम के आधे रास्ते तक देखा गया था। वह मेन रोड पर दूसरी ओर मुड़ गया और कैनरा बैंक के एटीएम पर नहीं गया। उसकी लास्ट लोकेशन पता लगाने के लिए पीड़ित के मोबाइल फोन की लाइव सीडीआर प्राप्त की गई। सीडीआर से पीड़ित के एक और मोबाइल नंबर की पहचान हुई, जिसकी जानकारी परिवार वालों को नहीं थी। उक्त नंबर की लोकेशन पता लगाई गई और इसे अंतिम बार 08.47 बजे सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर एक्टिव पाया गया था। पुलिस टीमें सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं और स्टेशन मास्टर से स्टेशन चली ट्रेनों की डिटेल के बारे में पूछताछ की। ट्रेनों के रिजर्वेशन चार्ट की जांच की, इसके साथ ही पीड़ित परिवार के सदस्यों की मदद से रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और उसकी पहचान करने की कोशिश की। पीड़ित को एंट्री गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रेलवे स्टेशन में प्रवेश करते देखा गया था,  लेकिन रेलवे स्टेशन पर पता नहीं लगाया जा सका। एक अंकित कुमार का नाम, उम्र 22 साल, एक ट्रेन संपर्क क्रांति राजधानी एक्सप्रेस के रिजर्वेशन चार्ट की सूची में पाया गया, जो कुछ देर पहले ही जोधपुर राजस्थान के लिए रवाना हुई थी। रेलवे स्टेशन अलवर में जीआरपी और रेलवे पुलिस के माध्यम से उक्त यात्री की जांच और सत्यापन किया गया। वह पीड़ित से मैच करता नहीं पाया गया। रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों को फिर से अच्छी तरह से जांचा गया और पीड़ित को एक कैमरे में देखा गया, जो उपरोक्त ट्रेन के जनरल डिब्बे में सवार था। सीसीटीवी फुटेज, पीड़ितों की तस्वीरें तुरंत जीआरपी जयपुर के साथ साझा की गईं और रेलवे स्टेशन जयपुर में ट्रेन को फिर से जीआरपी और रेलवे पुलिस के माध्यम से चेक किया गया। पीड़ित की पहचान की गई और जीआरपी जयपुर द्वारा उक्त ट्रेन में सवार किया गया। तत्काल, परिवार के सदस्यों के साथ एक टीम को जयपुर भेजा गया और अपहृत व्यक्ति को पुलिस थाना बुध विहार वापस लाया गया।

आईआईएम से करना चाहता था एमबीए

अंकित गुप्ता IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक है। उसने 2017 में अपनी डिग्री पूरी की और उसके बाद गुड़गांव में एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा। बाद में वह नोएडा सेक्टर-62 स्थित एसएमसी प्राइवेट नामक एक अन्य निजी कंपनी में जॉब करने लगा। वर्तमान में वह कोरोना महामारी के कारण घर से काम कर रहा था। उनके बड़े भाई भी इंजीनियर हैं, जो अब अमेरिका में अमेजन में कार्यरत हैं। अंकित काफी होशियार था और एमबीए करने के लिए IIM अहमदाबाद में जाना चाहता था। उसने उसके लिए दो बार कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके कारण वह अवसाद ग्रस्त हो गया था और आत्महत्या करना चाहता था। इसके लिए उसने एक योजना बनाई और अपने घर से निकल गया। उसने खुद अपने माता-पिता को गुमराह करने के लिए अपने फोन से फिरौती का मैसेज भेजा ताकि उसे आत्महत्या करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर अंकित की जान बचा ली।

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