ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRकेजरीवाल ने 6 समन किए दरकिनार, ED 7वां नोटिस भेजने को तैयार

केजरीवाल ने 6 समन किए दरकिनार, ED 7वां नोटिस भेजने को तैयार

केजरीवाल ने सोमवार ईडी के सामने पेश होने से एक बार फिर साफ इनकार कर दिया था। आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि ईडी को केजरीवाल को बार-बार समन भेजने के बजाय अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

केजरीवाल ने 6 समन किए दरकिनार, ED 7वां नोटिस भेजने को तैयार
Aditi Sharmaपीटीआई,नई दिल्लीMon, 19 Feb 2024 02:23 PM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छठे समन को भी नजरअंदाज किए जाने के बाद ईडी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब सांतवा समन भेजने की तैयारी कर रही है। ईडी के सूत्रों ने दावा किया है कि कोर्ट ने हाल ही में केजरीवाल को पहले भेजे गए समनों की अवहेलना करने का जिम्मेदार पाया है और माना है कि उन पर केस चलना चाहिए।

 इससे पहले केजरीवाल ने सोमवार को ईडी के सामने पेश होने से एक बार फिर साफ इनकार कर दिया। आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि ईडी को केजरीवाल को बार-बार समन भेजने के बजाय अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उधर एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि केजरीवाल को अदालत में शारीरिक उपस्थिति से छूट मिली है ना की ईडी में। 

यह भी पढ़ें : बार-बार समन कर रहे दरकिनार फिर भी क्यों केजरीवाल नहीं हुए गिरफ्तार; क्या है ED का कानून

कोर्ट से 16 मार्च तक छूट

बता दें, ईडी के समन मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को 16 मार्च तक  व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट दी थी। केजरीवाल की ओर दलील दी गई थी कि वह बजट सत्र और विश्वास प्रस्ताव के कारण शारीरिक रूप से कोर्ट में पेश नहीं हो सकते। 

उधर  ईडी के सूत्रों ने कहा कि एजेंसी नेउन्हें जारी किए गए पहले तीन समन की "जानबूझकर अवज्ञा" करने के लिए केजरीवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 174 के तहत  अदालत में शिकायत दर्ज की थी। सूत्रों ने दावा किया कि अदालत ने इसका संज्ञान लिया है और प्रथम दृष्टया स्वीकार किया है कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, अदालत के सामने सवाल समन की वैधता का नहीं है, बल्कि केजरीवाल की ओर से जानबूझकर पहले तीन समन की अवज्ञा करने का है। सूत्रों ने कहा, इसलिए कोर्ट में मामला 16 मार्च के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद ईडी द्वारा उन्हें समन जारी करना गलत नहीं है।

कोर्ट ने कहा था कि शिकायत में रखी गईं बातें और रिकॉर्ड पर रखी गई बातों से, प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 174 के तहत अपराध बनता है और केजरीवाल के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें