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शराब घोटाले में के कविता को क्यों नहीं देनी चाहिए जमानत, ED ने हलफनामे में हाई कोर्ट को बताया

ईडी ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीआरएस नेता के कविता की जमानत याचिका का विरोध किया। ईडी ने कहा कि उनकी रिहाई से इस मामले में आगे की जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

शराब घोटाले में के कविता को क्यों नहीं देनी चाहिए जमानत, ED ने हलफनामे में हाई कोर्ट को बताया
Subodh Mishraपीटीआई,नई दिल्लीFri, 24 May 2024 07:04 PM
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ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट को बीआरएस नेता के कविता की जमानत याचिका पर अपने जवाब में दलील दी कि वह एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उन पर गंभीर आर्थिक अपराध करने का आरोप है। अगर उन्हें जमानत दी गई तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। जांच एजेंसी ने अपने जवाबी हलफनामे में कहा कि के कविता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची और 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के भुगतान में सक्रिय रूप से शामिल रहीं। उन्होंने परोक्ष रूप से मेसर्स इंडो स्पिरिट्स की स्थापना की, जिससे 192.8 करोड़ रुपये की अवैध आय हुई।

हलफनामे में कहा गया है कि के कविता 292.8 करोड़ रुपये की अवैध आय (पीओसी) से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में शामिल हैं। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा ने कविता के वकील की दलीलें सुनीं और मामले को 27 मई के लिए सूचीबद्ध किया। कविता ने ट्रायल कोर्ट के 6 मई के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सीबीआई के भ्रष्टाचार मामले के साथ-साथ ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कविता के वकील ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में 50 आरोपियों में वह अकेली महिला है। वकील ने आग्रह करते हुए कहा कि कोर्ट को उसे जमानत देने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि कानून महिलाओं को एक अलग स्थान पर रखता है।

इस मामले में सह-अभियुक्त अरुण रामचंद्रन पिल्लई द्वारा दायर एक अन्य याचिका में सीबीआई ने हाई कोर्ट से कहा कि भ्रष्टाचार मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए जून के पहले सप्ताह तक कविता के खिलाफ आरोप पत्र दायर करेगी। हैदराबाद के व्यवसायी पिल्लई ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसमें सीबीआई द्वारा जांच पूरी होने तक आरोप पर बहस शुरू करने के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

कविता की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि उसे मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से जोड़ने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। अवैध आय का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो जाने की आशंका है। कविता की कथित भूमिका के बारे में ईडी ने कहा कि सह-आरोपी और उसके कथित सहयोगी अरुण रामचंद्रन पिल्लई के बयानों से पता चला है कि उसने मेसर्स इंडो स्पिरिट्स में कविता के हितों का प्रतिनिधित्व किया था। एजेंसी ने दावा किया कि कविता ने घोटाले में अपनी भूमिका और संलिप्तता को छुपाने के लिए डिजिटल सबूतों को नष्ट कर दिया। अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो वह अन्य सबूतों को भी नष्ट कर सकती हैं। 

बता दें कि बीआरएस नेता के कविता कथित शराब घोटाले में ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज दो मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने कविता को 15 मार्च को हैदराबाद में बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था, जबकि सीबीआई ने उन्हें तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया। वहीं, ईडी मामले में अपनी जमानत याचिका में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस नेता ने कहा है कि उनका दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उनके खिलाफ केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने ईडी के साथ मिलकर साजिश रचा है।