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केजरीवाल के खिलाफ सीधा सबूत नहीं, ED पक्षपाती; जमानत देने वाली अदालत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को जमानत दे दी। कथित शऱाब घोटाले गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री को जमानत देते हुए कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणी की है।

केजरीवाल के खिलाफ सीधा सबूत नहीं, ED पक्षपाती; जमानत देने वाली अदालत
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 21 Jun 2024 12:59 PM
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को जमानत दे दी। कथित शऱाब घोटाले गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री को जमानत देते हुए स्पेशल कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर तल्ख टिप्पणियां की हैं। अदालत ने यह भी माना है कि केजरीवाल के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है। हालांकि, राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

जज न्याय बिंदु ने अपने आदेश में कई अहम बातें कहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि ईडी रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं रखा है जिससे पता चले कि विजय नायर याचिकाकर्ता (अरविंद केजरीवाल) के निर्देश पर काम कर रहा था। जांच एजेंसी यह साबित करने में भी विफल रही है कि विनोद चौहान का चरनप्रीत के साथ नजदीकी संबंध था। कोर्ट ने सवाल किया कि इस तरह जांच एजेंसी कैसे याचिकाकर्ता को दोषी साबित कर सकती है, यदि याचिकाकर्ता की इनसे पुरानी पहचान भी हो तो।

जज ने कहा, 'ईडी यह स्पष्ट करने में विफल रही है वह कैसे इन निष्कर्ष तक पहुंची कि विनोद चौहान से जब्त एक करोड़ रुपए अपराध का हिस्सा है।' कोर्ट ने आगे कहा, 'ऐसा प्रतीत होता है कि ईडी भी मानती है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूत याचिकाकर्ता के खिलाफ पर्याप्त नहीं हैं और यह (ईडी) किसी तरह इसे जुटाना चाहती है कि कोर्ट को सहमत कर सके कि आवेदक के खिलाफ सबूत मौजूद हैं।' कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी को तेज और निष्पक्ष होना चाहिए ताकि यह कहा जा सके कि नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के खिलाफ अपराध साबित किया जाना बाकी है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। पूर्व निधारित शर्त के मुताबिक 2 जून को सरेंडर करके वह दोबारा जेल चले गए। इसके बाद केजरीवाल ने मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत और नियमित जमानत के लिए दो याचिकाएं दायर की। अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। लगातार दो दिनों तक ईडी और केजरीवाल का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी।