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Hindi News NCRED ने शुरू की 1200 करोड़ ठगने वाले गैंग की जांच, चीन तक जुड़े हैं तार; नोएडा STF से लिया जांच का रिकॉर्ड

ED ने शुरू की 1200 करोड़ ठगने वाले गैंग की जांच, चीन तक जुड़े हैं तार; नोएडा STF से लिया जांच का रिकॉर्ड

ईडी की टीम ने नोएडा एसटीएफ के अधिकारियों से संपर्क कर अब तक हुई जांच के संबंध में जानकारी और अन्य इनपुट मांगे थे। एसटीएफ ने ईडी के अधिकारियों के साथ इस मामले से जुड़ी सभी जानकारियां साझा कर दी हैं।

ED ने शुरू की 1200 करोड़ ठगने वाले गैंग की जांच, चीन तक जुड़े हैं तार; नोएडा STF से लिया जांच का रिकॉर्ड
Praveen Sharmaनोएडा। निशांत कौशिकSun, 23 Jun 2024 12:42 PM
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी देशभर में लोन, गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले चीनी नागरिकों के गिरोह की जांच शुरू कर दी है। ईडी की टीम ने नोएडा एसटीएफ से मामले में अब तक हुई जांच का रिकॉर्ड ले लिया है। ईडी की जांच शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में उन लोगों की संपत्तियां जब्त होंगी, जिन्होंने ठगी के धन से देशभर में संपत्तियां खरीदीं।

बिहार के सीतामढ़ी स्थित नेपाल बॉर्डर पर 11 जून 2022 को चीन के दो नागरिकों को बिना पासपोर्ट और वीजा पकड़ा गया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि वे अवैध तरीके से 24 मई को भारत की सीमा में दाखिल हुए थे। इसके बाद टैक्सी से नोएडा गए। नोएडा में 17 दिन रहे और वहीं से वापस लौट रहे थे। इसके बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने गुरुग्राम के फाइव स्टार होटल से चीन के नागरिक सुफाइ और उसकी नागालैंड की प्रेमिका पेटेख रेनुओ को गिरफ्तार किया।

सुफाइ के पास से फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड मिला था। इसके बाद इस मामले में चीन के 11 नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने 100 से अधिक फर्जी कंपनियों के माध्यम से ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीन भेजा था। आरोपी गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन ऐप के माध्यम से भारत में लोगों को ठगने में जुटे थे। नोएडा और हैदराबाद इनके प्रमुख केंद्र थे, जबकि दिल्ली का गफ्फार मार्केट भी उनका बड़ा अड्डा था। नोएडा एसटीएफ ने इस मामले की जांच कर अब तक 80 से अधिक बैंक खातों में 25 करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं।एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में अब ईडी की टीमें जांच कर रही हैं।

ईडी की टीम ने एसटीएफ के अधिकारियों से संपर्क कर अब तक हुई जांच के संबंध में जानकारी और अन्य इनपुट मांगे थे। एसटीएफ ने ईडी के अधिकारियों के साथ इस मामले से जुड़ी सभी जानकारियां साझा कर दी हैं। एसटीएफ की टीम ईडी की जांच में सहयोग कर रही है। यह प्रकरण काफी बड़ा प्रकरण है, जिसको लेकर देशभर में जांच जारी है।

कई एजेंसियां जांच कर रहीं : एसटीएफ के अलावा इस मामले में ईडी, आईबी, डीआरडीओ और केंद्र से जुड़ी अन्य एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, नागालैंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम और दिल्ली की जांच एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।

गिरोह के तीन मुख्य आरोपी अपने देश चीन भाग चुके

गिरोह के मास्टरमाइंड रहे चीन के तीन नागरिक मामले की जांच शुरू होते ही चीन भाग गए थे। अब उन्होंने अपना अड्डा हांगकांग और सिंगापुर में बना रखा है। इसकी पुष्टि एसटीएफ की जांच में हुई है। तीनों ने भारत में 100 से अधिक फर्जी कंपनियां खोलकर ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीन भेज दिया था। एसटीएफ के अनुसार चीन के इन तीनों नागरिक ली योंग, हेलई और हूहुईंग के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। वर्तमान में उनके चीन में होने की जानकारी मिल रही है।

मामला न्यायालय में विचाराधीन

एसटीएफ ने इस प्रकरण में चीन के 11 नागरिकों समेत 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ 5400 पेज की चार्जशीट भी न्यायालय में दी जा चुकी है और वर्तमान में यह मामला न्यायालय में ट्रायल पर है। एसटीएफ की जांच में सबसे अहम नाम जिंडी का सामने आया था, जिसके द्वारा गेमिंग ऐप बनाए गए थे। जिंडी के खिलाफ पहला मुकदमा हैदराबाद में दर्ज हुआ था।

गफ्फार मार्केट चीन के ठगों का हब

नोएडा एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार दिल्ली का गफ्फार मार्केट भारत में चीन के साइबर ठगों का एंट्री प्वाइंट है। यहीं से उनकी साठगांठ भारत में ऑनलाइन ठगी करने वाले स्थानीय गिरोह से हुई। यहां के कुछ हवाला कारोबारियों से भी चीन के साइबर ठगों के तार जुड़े हैं। इन गैंग के सरगना चीन, हांगकांग और सिंगापुर में बैठे हैं। ऑनलाइन ठगी के सर्वर भी चीन, सिंगापुर और हांगकांग में हैं और वहीं से ठगी के सारे ऐप संचालित होते हैं। इस संबंध में एसटीएफ ने उच्चाधिकारियों को अपनी पूरी रिपोर्ट दे दी है।