DUSU election 2019 EVM again becomes an issue - डूसू चुनाव 2019 : इस बार भी प्रमुख चुनावी मुद्दा बन रही ईवीएम DA Image

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डूसू चुनाव 2019 : इस बार भी प्रमुख चुनावी मुद्दा बन रही ईवीएम

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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में इस बार भी ईवीएम प्रमुख चुनावी मुद्दा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई के अलावा वामपंथी छात्र संगठनों ने एक स्वर में ईवीएम का विरोध किया है। छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) ने जिन मुद्दों पर भूख हड़ताल की है उसमें एक प्रमुख मुद्दा ईवीएम से चुनाव नहीं कराना है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने गुरुवार को डीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक प्रसाद को ज्ञापन सौंपा और कहा कि डूसू चुनाव ईवीएम से न कराया जाए। ज्ञापन के अनुसार, हम विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं ताकि डीयू में एक सफल, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके।

कुंदन ने पिछले साल डूसू चुनाव में हुई मतगणना की गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान कई ईवीएम में खराबी पाई गई थी, जिस कारण मतगणना के दौरान इसने गलत परिणाम दिए। चुनाव समिति को कई राउंड की पुन: मतगणना करने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारत के चुनाव आयोग को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कहना पड़ा था कि डूसू चुनावों में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से अलग हैं। यदि बैलेट से चुनाव करने में डीयू असमर्थता जताता है तो उसे पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की वीवीपीएटी मशीन वाली ईवीएम से चुनाव करे।

बैलेट की सलाह

एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नीरज मिश्र का कहना है कि चुनाव एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। इसमें डीयू के छात्र अपना अध्यक्ष चुनते हैं। 29 अगस्त को जब डीयू के शिक्षक संघ का चुनाव बैलेट से हो सकता है, तो पूर्व की भांति डूसू का चुनाव बैलेट से क्यों नहीं हो सकता? आखिर डीयू प्रशासन ईवीएम से चुनाव क्यों कराना चाहता है? यदि इस बार भी चुनाव में धांधली हुई, मशीन खराब हुई या मतगणना में गलती हुई तो जिम्मेदारी कौन लेगा?

एबीवीपी का पलटवार

एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव का कहना है कि जिसे चार उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए नहीं मिल रहे, वह भूख हड़ताल कर रहे हैं। यही स्थिति एनएसयूआई के साथ भी है। ईवीएम से देश का चुनाव निष्पक्ष हुआ है। उनके दल ने राज्यों में सरकार बनाई है।

 

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