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LNJP में 4 मरीज वेंटिलेटर पर और RML में 5 की मौत, हीट स्ट्रोक का कहर; इस तरह बचें

इधर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 5 मौतें हुई हैं। आशंका है कि यह सभी मौतें हीटस्ट्रोक की वजह से ही हुई हैं। इसके अलावा 12 लोग नाजुक हालत में है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर फिलहाल रखा गया है।

LNJP में 4 मरीज वेंटिलेटर पर और RML में 5 की मौत, हीट स्ट्रोक का कहर; इस तरह बचें
Nishant Nandanएएनआई,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 09:29 PM
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दिल्ली में हीटवेव से बने हालात कहर बरपा रहे हैं। राजधानी के मशूहर Lok Nayak Hospital में बुधवार को हीट स्ट्रोक के 9 मरीज आए। इनमें से 4 मरीज अभी वेंटिलेटर सपोर्टर पर हैं। हीट स्ट्रोक की वजह से इनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और उनकी हालत नाजुक है। बता दें कि 16 जून को हीटस्ट्रोक की वजह से एक मरीज की मौत हो गई। 

Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) Hospital के मेडिकल डायरेक्टर, सुरेश कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि अभी अस्पताल में 9 मरीज भर्ती हैं। इनमें से चार मरीज नाजुक हालत की वजह से वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। मेडिकल डायरेक्टर ने सलाह दी है कि बच्चे और बुजुर्ग इस भीषण गर्मी में घर से बाहर ना निकलें और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए 4-5 लीटर पानी पीएं। 

उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक के मरीज का समय पर इलाज जरुरी है वरना मरीज के कई अंग फेल हो सकते हैं। हीटस्ट्रोक से बचने के लिए छाता या कपड़े से सिर ढकना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को अत्यधिक गर्मी में बाहर जाने से बचना चाहिए। प्रतिदिन 4-5 लीटर पानी पीकर हीटवेव से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे नर्स और स्टाफ हीटस्ट्रोक मरीजों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित हैं। 

RML अस्पताल में 5 मौत

इधर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 5 मौतें हुई हैं। आशंका है कि यह सभी मौतें हीटस्ट्रोक की वजह से ही हुई हैं। इसके अलावा 12 लोग नाजुक हालत में है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इनमें से ज्यादातर दैनिक मजदूर हैं। RML अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेन्डेंट अजय शुक्ला के मुताबिक, मंगलवार को हीट स्ट्रोक के 11 मरीज भर्ती हुए थे। इस सीजन में एक दिन में भर्ती होने वाले मरीजों की यह सबसे ज्यादा संख्या है। उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी के मौसम में अब तक कम से कम 45 लोग ऐसे अस्पताल में भर्ती हुए जिन्हें गर्मी से संबधित समस्याएं थीं।

उन्होंने यह भी कहा कि इन मौतों के पीछे मुख्य वजह यह है कि इन्हें अस्पताल में पहुंचने में देरी हुई। हीटवेव के हालात जब से शुरू हुए हैं तब से अब तक 45-50 मरीज अस्पताल में आ चुके हैं और इनमें से अब तक लगभग 7 लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि इससे पहले National Centre for Disease Control (NCDC) ने इस बात की पुष्टि की थी कि विभिन्न राज्यों में हीट स्ट्रोक की वजह से 56 लोगों की मौत हो चुकी है। सिर्फ मई के महीने में हीट स्ट्रोक की वजह से 46 लोगों की मौत हुई। हालांकि, मई में हीट स्ट्रोक के संदिग्ध केस करीब 1,918 थे।