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ड्रोन खाएगा नहीं बल्कि देगा एक लाख नौकरियां

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देश में ड्रोन आने से नौकरियों के जाने के खतरे के उलट एक लाख नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। औद्योगिक संगठन फिक्की ने दावा किया है कि अगले 4-5 सालों में ड्रोन से जुड़ी एक लाख नौकरियां पैदा होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये नौकरियां एरियल फोटोग्राफी, सिनेमैटोग्राफी, खेती, 3डी मॉडलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैन्युफैक्चरिंग समेत कई क्षेत्रों में मिलने वाली हैं। 

फिक्की के शोध में दावा किया गया है कि अगले कुछ सालों में भारत दुनियाभर में ड्रोन का सबसे बड़ा आयातक होगा। साथ ही इस्तेमाल के मामले भी कई देशों को पीछे छोड़ देगा। फिक्की के ड्रोन कमेटी से जुड़े अंकित मेहता के मुताबिक, जिस रफ्तार से ड्रोन ने सुरक्षा और सैन्य अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है उससे अब इसका बड़े पैमाने पर उद्योगों में इस्तेमाल होना शुरू हो गया है। ये इस्तेमाल न सिर्फ लोगों की बचत कर रहा है बल्कि इस नए क्षेत्र में लोगों के लिए रोजगार के मौके भी दे रहा है। ऐसा अनुमान है कि अगले 4-5 सालों में देश में करीब एक लाख ड्रोन से जुड़ी नौकरियों के मौके होंगे। ये नौकरियां न सिर्फ रिमोट पायलट के तौर पर होंगी बल्कि ड्रोन इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, मॉनिटरिंग, इनकी बिक्री और मार्केटिंग जैसे मोर्चे पर भी अनुभवी लोगों की सख्त जरूरत होगी।

नई तकनीक से बचेगा पैसा

मेहता ने हिन्दुस्तान को बताया कि न सिर्फ सरकारी संस्थानों बल्कि उद्योग जगत के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में इसकी बड़े पैमाने पर जरूरत होगी। ड्रोन की काबिलियत ये भी रहेगी कि जिस काम में कई लोगों की जरूरत होती है और लंबा खर्च लगता है उसे ये कम समय और कम खर्च में ज्यादा बेहतर तरीके से कर सकता है। 

तेल और गैस क्षेत्र में काफी कारगर

तेल और गैस क्षेत्र की बात करें तो यहां ड्रोन काफी खिफायती सुरक्षित और तेजी से काम करने वाला साबित हुआ है। तेल और गैस की पाइपलाइन की जांच का काम बेहद जरूरी और खर्चीला माना जाता है। परंपरागत तौर पर काम करने में इसमें हफ्तों और कई बार महीनों का समय लगता है। इसके लिए महंगे औजार और ज्यादा लोगों की जरूरत होती है। साथ ही कोई दुर्घटना न हो इसके लिए पाइपलाइन बंद भी रखनी पड़ती है। एक आकलन के मुताबिक इसमें ड्रोन के इस्तेमाल से इसमें रोजाना 50 लाख डॉलर की बचत संभव है। खनन के क्षेत्र में भी इनके इस्तेमाल से न सिर्फ ज्यादा सटीक परिणाम मिलते हैं बल्कि साइट पर उत्पादक क्षमता भी 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। 

खेती में होगी बचत

-कृषि में भी ड्रोन के जरिए बड़े क्षेत्र में फसल का सही आंकलन किया जा सकता है।

- इसके ये पता चल सकेगा कि किन जगहों पर कितने पानी, खाद और कीटनाशकों की जरूरत है।

- साथ ही ये भी पता चल जाएगा कि पूरी फसल के कितने हिस्से में कीटाणुओं का हमला हो रहा है।

-सटीक जानकारी होने पर किसान अपनी जरूरत के हिसाब से दवाओं का छिड़काव कर सकेगा।

-अनुमान के मुताबिक इसके खेत में उपज तो बढ़ेगी साथ में खर्चा भी 85 फीसदी कम हो जाएगा। 

बड़े पैमाने पर मौके

तमाम क्षेत्रों में ड्रोन के इस्तेमाल के चलते बड़े पैमाने पर नौकरियों के मौके भी मिलेंगे। आंकड़ों के मुताबिक सिस्टम में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से मौजूदा दौर में सर्टिफाइड रिमोट पायलट की संख्या 1.15 लाख हो चुकी है। ये आंकड़ा पिछले साल से 50 फीसदी ज्यादा है।

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  • Web Title:Drone will give one lakh jobs not eliminate them