ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRगाजियाबाद में घर का सपना हुआ महंगा, एक बार फिर बढ़ने वाले हैं सर्किल रेट; विभाग ने शुरू किया सर्वे

गाजियाबाद में घर का सपना हुआ महंगा, एक बार फिर बढ़ने वाले हैं सर्किल रेट; विभाग ने शुरू किया सर्वे

गाजियाबाद में जमीन और घर खरीदना और भी महंगा होगा। जिला प्रशासन एक बार फिर सर्किल रेट बढ़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निबंधन विभाग की टीम ने जनपद का सर्वे शुरू कर दिया है।

गाजियाबाद में घर का सपना हुआ महंगा, एक बार फिर बढ़ने वाले हैं सर्किल रेट; विभाग ने शुरू किया सर्वे
Sneha Baluniवरिष्ठ संवाददाता,गाजियाबादSat, 08 Jul 2023 06:34 AM
ऐप पर पढ़ें

गाजियाबाद में जमीन और घर खरीदना और भी महंगा होगा। जिला प्रशासन एक बार फिर सर्किल रेट बढ़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निबंधन विभाग की टीम ने जनपद का सर्वे शुरू कर दिया। टीम मुख्य सड़क के किनारे नए प्रोजेक्ट के आसपास के सर्किल रेट पर ज्यादा ध्यान दे रही है। टीम सर्किल रेट के साथ ही जमीन के बाजार भावों की जानकारी जुटी रही है। इसकी रिपोर्ट अगस्त में शासन को भेजी जाएगी। 

प्रशासन के अनुसार पिछले कई सालों से सर्किल रेट को रिवाइज नहीं किया गया था। हालांकि अब पिछले साल सर्किल रेट बढ़ाया गए थे लेकिन उनमें मामूली बढ़ोतरी की गई थी। सर्किल रेट बढ़ने की सूचना के कारण शहर में संपत्तियों की खरीद में काफी उछाल आया था। अब एक बार फिर से सर्किल रेट बढाने की तैयारी की जा रही है। किस स्थान पर कितना सर्किल रेट बढ़ाया जाय और उसके बढ़ने की वजह क्या है इसके लिए निबंधन विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।

तीन श्रेणियों में हैं सर्किल रेट

बता दें कि गाजियाबाद को आठ सर्किलों में बांटा गया है। इन सर्किल में प्रशासन की तरफ से कॉलोनियों की लोकेशन और आबादी के हिसाब से रेट तय किए जाते हैं। सर्किल रेट तीन श्रेणियों में तय हैं। पहला नौ मीटर चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र, दूसरा नौ मीटर से 18 मीटर चौड़ी रोड के किनारे और तीसरा 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र। सबसे अधिक रेट 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे की संपत्ति का होता है। वहीं जिलाधिकारी के मुताबिक सर्किल रेट का आधार क्षेत्र में हुए बैनामा को बनाया जाए।

साल 2022 में हुआ था सर्किल रेट रिवाइज

पिछले साल सर्किल रेट को रिवाइज किया गया था। इसमें काफी कम बढोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2016 में सर्किल रेट बढ़ाया गया था। लंबे समय से सर्किल रेट न बढ़ने के कारण सरकार को राजस्व का काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक साथ ज्यादा बढोतरी भी नहीं की जा सकती। यहीं कारण है कि पिछले साल सर्किल रेट बढ़ाने जरूरी थे लेकिन उनमें मामूली बढ़ोतरी की गई थी।

वित्त एवं राजस्व के अपर जिलाधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने कहा, 'सर्किल रेट नए सिरे से तय करने को जमीन का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है। स्टांप विभाग और तहसील की टीम प्रस्ताव तैयार करेगी। जुलाई में प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।'

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बना आधार

इस बार सर्किल रेट बढ़ाने की इच्छा का एक प्रमुख आधार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भी है। गाजियाबाद में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट लगाने के लिए निवेशकों ने प्रस्ताव दिए हैं। ऐसे में इन प्रोजेक्ट के किनारे जमीन के दाम महंगे होंगे। लोग इन प्रोजेक्ट के पास पड़ी अपनी निजी जमीन को सर्किल रेट से कई गुना अधिक दाम पर बेच रहे हैं। ऐसे में यदि इन स्थानों पर सर्किल में 50 फीसदी तक की भी बढ़ोतरी कर दी जाये तो भी जमीन के दाम बाजार भाव के कम रहेंगे।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें