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हिंदी न्यूज़ NCRसत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत के लिए एलएनजेपी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार न करें : दिल्ली HC ने ट्रायल कोर्ट से कहा

सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत के लिए एलएनजेपी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार न करें : दिल्ली HC ने ट्रायल कोर्ट से कहा

जस्टिस जसमीत सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जैन से जवाब मांगा जिसमें अनुरोध किया गया था कि जैन का मेडिकल टेस्ट एलएनजेपी अस्पताल के बजाय एम्स, आरएमएल या सफदरजंग अस्पताल में कराया जाए।

सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत के लिए एलएनजेपी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार न करें : दिल्ली HC ने ट्रायल कोर्ट से कहा
Praveen Sharmaनई दिल्ली | पीटीआईThu, 28 Jul 2022 05:29 PM

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दिल्ली हाईकोर्ट ने आज दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए फिलहाल, राज्य सरकार द्वारा संचालित लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (LNJP Hospital) की ओर से दी गई जैन की मेडिकल रिपोर्ट का संज्ञान न लिया जाए।

जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला चल रहा है और वह एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं। जस्टिस जसमीत सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जैन से जवाब मांगा जिसमें अनुरोध किया गया था कि जैन का मेडिकल टेस्ट एलएनजेपी अस्पताल के बजाय एम्स, आरएमएल या सफदरजंग अस्पताल में कराया जाए।

अदालत ने कहा, “नोटिस जारी किया जाए… .....निर्देश दिया जाता है कि विशेष न्यायाधीश सुनवाई की अगली तारीख तक एलएनजेपी की ओर से दी गई मेडिकल रिपोर्ट का संज्ञान नहीं लें।” मामले पर अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने इस बात पर जोर दिया कि इसकी पूरी आशंका है कि जैन एलएनजेपी के डॉक्टरों को प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि वह स्वास्थ्य मंत्री थे।

राजू ने कहा कि निचली अदालत द्वारा मेडिकल आधार पर जैन को रिहा करने की याचिका पर सुनवाई करने से पहले उनके स्वास्थ्य का स्वतंत्र टेस्ट करवाना जरूरी है।

याचिका में ईडी ने जैन को एलएनजेपी अस्पताल से स्थानांतरित कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल या सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करने का भी अनुरोध किया है।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता को 30 मई को मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पहले पुलिस हिरासत में और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ईडी ने इससे पहले जैन के परिवार की 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उनके "लाभदायक स्वामित्व वाली और नियंत्रित" कंपनियों की संपत्ति कुर्क की थी। 

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