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Delhi Metro: DMRC ने किया ओसीसी का उद्घाटन, अब बेहतर यात्रा और सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा; जानें कैसे

Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो फेज चार में कुल 65.20 किलोमीटर का कुल तीन कॉरीडोर मौजपुर से मजलिस पार्क, एयरोसिटी से तुगलकाबाद और जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम का कॉरीडोर का निर्माण हो रहा है।

Delhi Metro: DMRC ने किया ओसीसी का उद्घाटन, अब बेहतर यात्रा और सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा; जानें कैसे
Swati Kumariहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 21 Feb 2024 07:54 PM
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दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने मेट्रो फेज चार के आगामी कॉरीडोर पर परिचालन सेवा की निगरानी व नियंत्रण के लिए नए परिचालन नियंत्रण (ओसीसी) कक्ष तैयार कर लिया है। मेट्रो प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने बुधवार को इस नए ओसीसी का उद्घाटन किया। इस ओसीसी से कुल मेट्रो फेज चार के तीन कॉरीडोर के अलावा रेड लाइन (रिठाला से नया बसअड्डा गाजियाबाद) और यलो लाइन (गुरूग्राम से समयपुर बादली) कॉरीडोर पर परिचालन का भी नियंत्रण होगा। 

मेट्रो फेज चार का 42 फीसदी काम पूरा 
दिल्ली मेट्रो फेज चार में कुल 65.20 किलोमीटर का कुल तीन कॉरीडोर मौजपुर से मजलिस पार्क, एयरोसिटी से तुगलकाबाद और जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम का कॉरीडोर का निर्माण हो रहा है। तीनों कॉरीडोर का अभी तक कुल 42 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। सबसे ज्यादा काम मौजपुर से मजलिस पार्क के 12 किलोमीटर कॉरीडोर का 44 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। तीनों कॉरीडोर को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मेट्रो फेज चार का सबसे पहला सेक्शन जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम कॉरीडोर पर करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा खुलेगा जो कि जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क के बीच होगा। यह सेक्शन जुलाई 2024 तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। 

पांच कॉरीडोर पर परिचालन की होगी निगरानी 
मेट्रो फेज चार के लिए मेट्रो भवन में तीसरे तल पर बने नए ओसीसी से यलो व रेड लाइन का परिचालन किया जाएगा। अभी तक इसका परिचालन छठे तल पर बने ओसीसी से किया जाता था। इसके अलावा नए ओसीसी से मेट्रो फेज चार के तीन निर्माणाधीन कॉरीडोर की निगरानी होगी। उसके अलावा भविष्य में फेज चार के तीन कॉरीडोर जिन्हें मंजूरी नहीं मिली है उसका काम पूरा होने के बाद भी उसकी निगरानी भी इसी ओसीसी से किया जाएगा। वह तीनों कॉरीडोर रिठाला से बवाना-नरेला-कुंडली, लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक है। 

ओसीसी से ये काम होते है 
मेट्रो भवन में एक एकीकृत ओसीसी स्थापित करने का मकसद केंद्रीकृत निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित करना है। मेट्रो नेटवर्क के 40 इंटरचेंज मेट्रो स्टेशनों के साथ, लाइन में खराबी के सयम त्वरित निर्णय लेने में भी मदद करती है। किसी घटना के त्वरित समाधान की सुविधा प्रदान करती है। ओसीसी में मुख्य नियंत्रक, यातायात नियंत्रक, ट्रैक्शन पावर नियंत्रक, सिग्नलिंग नियंत्रक और सहायक प्रणाली नियंत्रक कार्यरत हैं जो 24 घंटे 7 दिनों काम करते है। 

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