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रामलीला मैदान में मुस्लिम महापंचायत की मांगी अनुमति, दिल्ली पुलिस बोली- किसी और को परमिशन दे दी है

बताया जा रहा है कि याचिकाकर्ता के संगठन ने इससे पहले 29 अक्टूबर को भी ऑल इंडिया मुस्लिम महापंचायत रामलीला मैदान में बुलाई थी। शुरू में इसकी अनुमति दे दी गई थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया था।

रामलीला मैदान में मुस्लिम महापंचायत की मांगी अनुमति, दिल्ली पुलिस बोली- किसी और को परमिशन दे दी है
Nishant Nandanपीटीआई,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 08:47 PM
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दिल्ली के रामलीला मैदान में मुस्लिम महापंचायत कराने की मांगी गई अनुमति पर दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट  को बताया कि उसने पहले ही निर्धारित तारीख पर किसी और संगठन को अनुमति दे दी है। रामलीला ग्राउंड पर एक बड़ी सार्वजनिक बैठक कराने को लेकर दायर की गई एक याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD से जवाब मांगा है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद को दिल्ली पुलिस की तरफ से सूचित किया गया है कि उसे एक अन्य संगठन से भी आग्रह मिला थी कि वो 3 दिसंबर से लेकर 5 दिसंबर तक रामलीला मैदान में बैठक आयोजित करने चाहते हैं और उन्होंने इसके लिए  एनओसी मांगा था। अब दूसरे सगंठन को पहले ही NOC जारी कर दिया गया है। इस पर अदालत ने पुलिस से कहा कि वो इससे संबंधित जरूरी रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखें तथा साथ ही साथ यह भी बताएं कि दूसरे संगठन से उन्हें कब यह आवेदन मिला, इसकी कॉपी कोर्ट के सामने रखें। अदालत में अब इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को होगी। 

अदालत में Mission Save Constitution की तरफ से याचिका डाली गई थी। इस संगठन का दावा है कि वो लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य करता है। याचिकाकर्ता के संगठन ने इससे पहले 29 अक्टूबर को भी ऑल इंडिया मुस्लिम महापंचायत रामलीला मैदान में बुलाई थी। शुरू में इसकी अनुमति दे दी गई थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया था। याचिकाकर्ता ने इसके बाद अपने इवेंट के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय कर दी और 10 नवंबर को इसके लिए अनुमति मांगी थी। 

MCD के Horticulture विभाग ने याचिकाकर्ता को फिर से निर्दश दिया कि वो दिल्ली पुलिस के पास एनओसी के लिए जाएं और इसके बाद याचिकाकर्ता ने दीवाली के बाद 13 नवंबर को अपनी याचिका लगाई। यह याचिका वकील जतिन भट्ट और हर्षित गहलोत के जरिए दायर की गई थी। 

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से एडवोकेट अरूण पनवार ने अदालत को बताया कि संगठन की तरफ से मांगे गए NOC पर विचार किया गया लेकिन आग्रह को मंजूर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को 8 नवंबर को महात्यागी सेवा संस्थान की तऱफ से एक आग्रह मिला था कि 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं। अदालत में वकील ने कहा कि महात्यागी सेवा संस्थान को पहले ही 4 दिसंबर के लिए अनुमति दे दी गई है। इसलिए उसी तारीख पर किसी और संगठन के कार्यक्रम को वहां आयोजित करने की अनुमति देना संभव नहीं है। 

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने समाज के सभी कमजोर वर्गों को मजबूत बनाने के लिए महापंचायत करना चाहता है। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के अलावा अन्य समुदाय मसलन - एसटी, एसटी, ओबीसी समुदायों की आवाज उठाई जाएगी। इसमें कहा गया है कि संगठन के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट महमूद प्रचा हैं। महमूद पिछड़े वर्गों के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। 
 

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