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Hindi News NCRकिस रिपोर्ट पर दिल्ली महिला आयोग से बर्खास्त किए गए 52 संविदाकर्मी, आप का LG पर अच्छे काम रोकने का आरोप

किस रिपोर्ट पर दिल्ली महिला आयोग से बर्खास्त किए गए 52 संविदाकर्मी, आप का LG पर अच्छे काम रोकने का आरोप

दिल्ली महिला आयोग में तैनात 52 संविदाकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया है। आप ने एलजी पर काम रोकने का आरोप लगाया।

किस रिपोर्ट पर दिल्ली महिला आयोग से बर्खास्त किए गए 52 संविदाकर्मी, आप का LG पर अच्छे काम रोकने का आरोप
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 03 May 2024 05:34 AM
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दिल्ली महिला आयोग में तैनात 52 संविदाकर्मियों को गुरुवार को बर्खास्त कर दिया गया। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ये नियुक्तियां नियम विरुद्धथीं और इन कर्मियों को बिना मंजूरी लिए नौकरी पर रखा गया था। इन नियुक्तियों को लेकर कराई गई एक जांच के बाद जून 2017 में आई रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली महिला आयोग में इन संविदाकर्मियों की नियुक्ति वर्ष 2016 में की गई थी। 

रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सक्षम प्राधिकारी यानि उपराज्यपाल की बिना मंजूरी के 223 पद सृजित किए थे। महिला एवं बाल विकास विभाग और वित्त विभाग ने दिल्ली महिला आयोग को इस बारे में उस समय सूचित भी किया था। इसके बाद भी आयोग में नियमों के खिलाफ जाकर नियुक्तियां की गईं। उस समय नियुक्त किए गए सभी 52 संविदाकर्मी अब तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं।

अध्यक्ष को पद सृजन का अधिकार नहीं

दिल्ली सरकार के आदेश में महिला आयोग के अधिनियम 1994 का हवाला देते हुए कहा गया है कि आयोग की अध्यक्ष के पास इस तरह के पद सृजित करने का कोई अधिकार नहीं है। दिल्ली महिला आयोग में सिर्फ 40 पद स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त बिना सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के नियुक्ति नहीं हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने नियमों के खिलाफ जाकर बिना मंजूरी लिए न सिर्फ 223 पद सृजित किए, बल्कि आयोग के कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों में भी नियम विरुद्ध बढ़ोतरी की थी।

‘अच्छे कार्यों को रोकना ही उपराज्यपाल का काम’

इस मामले में दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल पर निशाना साधा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उपराज्यपाल का काम सिर्फ दिल्ली के अच्छे कामों को रोकना है। आरोप लगाया कि बीते डेढ़ साल में उपराज्यपाल हजारों पढ़े-लिखे युवाओं को बेरोजगार कर चुके हैं। दिल्ली महिला आयोग में काम कर रही पीड़ित लड़कियों को सशक्त करना ही तो सच्ची देशभक्ति है, मानवता है और परम धर्म है। मगर अफसोस है कि अब उपराज्यपाल ने उन्हें भी हटा दिया है।

समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई

1. नियुक्ति मामले में तत्कालीन एलजी अनिल बैजल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी
2. कमेटी ने 2017 को दी रिपोर्ट में बताया कि नियुक्तियां नियम विरुद्ध हैं। बिना सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के नियुक्तियां की गई हैं
3. अब दिल्ली महिला आयोग में तैनात सभी 52 संविदाकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया

दिल्ली सरकार नौकरी जाने के लिए जिम्मेदार : भाजपा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली सरकार और डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्षा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों की गलत कार्यप्रणाली की वजह से महिलाओं की नौकरी छूटी है।