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भट्ठी की तरह क्यों तप रहे दिल्ली के नजफगढ़, मुंगेशपुर जैसे इलाके? क्या जोखिम, एक्सपर्ट व्यू

दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। आलम यह है कि मुंगेशपुर मौसम केंद्र ने अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है। दिल्ली के नजफगढ़, नरेला और मुंगेशपुर में 48°C का टॉर्चर क्यों?

भट्ठी की तरह क्यों तप रहे दिल्ली के नजफगढ़, मुंगेशपुर जैसे इलाके? क्या जोखिम, एक्सपर्ट व्यू
delhi heat wave alert
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 06:13 PM
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दिल्ली में भीषण गर्मी कहर बरपा रही है। खासतौर पर नजफगढ़, नरेला और मुंगेशपुर जैसे इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। आलम यह है कि इन इलाकों का तापमान रोजाना 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मुंगेशपुर मौसम केंद्र ने तो अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है जो सामान्य से आठ डिग्री ज्यादा है। इससे इन इलाकों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दिल्ली के नजफगढ़, नरेला और मुंगेशपुर में 48°C का टॉर्चर क्यों? स्वास्थ्य पर क्या जोखिम? विशेषज्ञों की राय...

नजफगढ़ और मुंगेशपुर में 48°C वाला टॉर्चर
सोमवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में अधिकतम तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से पांच डिग्री ज्यादा था। वहीं मुंगेशपुर में अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से आठ डिग्री अधिक था। रोजाना इन इलाकों में अन्य मौसम केंद्रों की तुलना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया जा रहा है।

क्या हैं इन इलाकों के तपने की वजहें
विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में बढ़ते तापमान का कारण हरियाली की कमी और सीधी चटख धूप का पड़ना है। स्काईमेट वेदर में मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा- खाली भूमि वाले खुले क्षेत्रों में विकिरण बढ़ जाता है। सीधी धूप और हरियाली की कमी इन क्षेत्रों को असाधारण रूप से गर्म बना रही है। यही नहीं हवा की दिशा भी जब पश्चिम से चलती है, तो सबसे पहले ये इलाके ही प्रभावित होते हैं। 

इसलिए बढ़ता है तापमान
मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि चूंकि ये बाहरी क्षेत्र हैं, इसलिए तापमान तेजी से बढ़ता है। इन इलाकों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि सफदरजंग जैसे मानक स्टेशन में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचेगा। 

मुंगेशपुर, नरेला और नजफगढ़ प्रभावित
वहीं आईएमडी के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि नजफगढ़ जैसे स्थानों पर कई कारणों से तापमान में तेज वृद्धि देखी जा रही है। पहली बात यह कि ये बाहरी क्षेत्र राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं की चपेट में सबसे पहले आते हैं। खासतौर पर मुंगेशपुर, नरेला और नजफगढ़ जैसे इलाके सबसे पहले इन गर्म हवाओं से प्रभावित होते हैं।

कब होगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञ चरण सिंह का कहना है कि खुले क्षेत्र और बंजर भूमि विकिरण बढ़ाने में सहायक होते हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली में लू चलेगी। हालांकि 31 मई से उत्तर भारत पर एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इसका असर दिल्ली-एनसीआर के इलाकों पर भी देखा जाएगा। इससे दिल्ली एनसीआर के इलाकों में हल्की बारिश भी देखी जा सकती है।

अस्पतालों में बढ़े मरीज
दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल में हीटवेव की स्थिति के कारण प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इस विषय पर नजफगढ़ के राजीव विहार निवासी राकेश कुमार कहते हैं कि भीषण गर्मी के बीच अधिक तापमान और लू के कारण क्षेत्र के लोग बीमार पड़ रहे हैं। मैं हर रोज बाइक से मध्य दिल्ली तक आवाजाही करता हूं। तमाम सावधानियां बरतने के बावजूद, मुझे लू के कारण तेज बुखार और शरीर में दर्द हो रहा है। 

बुखार, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण
लोक नायक अस्पताल की डॉ. रितु सक्सेना ने कहा कि इस हफ्ते गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। हीट स्ट्रोक से प्रभावित लोगों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण आम हैं। ऐसे मौसम में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। लोगों को खुद को हाइड्रेटेड रखना चाहिए।