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Hindi News NCR'मानवीय आधार पर पानी छोड़ें', दिल्ली में जल संकट पर AAP सरकार की हरियाणा से अपील

'मानवीय आधार पर पानी छोड़ें', दिल्ली में जल संकट पर AAP सरकार की हरियाणा से अपील

आतिशी ने दिल्लीवालों से अपील करते हुए कहा कि वे पानी का उपयोग बहुत ही सावधानी और कंजूसी से सोच समझकर करें। जिससे कि जिन इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां पर पानी पहुंचाया जा सकेगा।

'मानवीय आधार पर पानी छोड़ें', दिल्ली में जल संकट पर AAP सरकार की हरियाणा से अपील
Sourabh Jainभाषा,नई दिल्लीSat, 15 Jun 2024 09:22 PM
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दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पानी की कमी के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने हरियाणा से मानवीय आधार पर यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का आग्रह किया है। दिल्ली की जल मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुनक नहर और वजीराबाद जल शोधन संयंत्र में पानी की कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में शोधित जल का उत्पादन करने में सात करोड़ गैलन प्रतिदिन (MGD) पानी की कमी आ गई है। उन्होंने कहा कि छह जून को दिल्ली में सामान्य रूप से जल उत्पादन लगभग 1,002 MGD था जो अशोधित जल की कमी के कारण शुक्रवार को घटकर 932 MGD रह गया।

आतिशी ने कहा, 'दिल्ली सरकार ने मानवीय आधार पर हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने की अपील की है, जिससे दिल्ली में पानी की किल्लत को कम किया जा सके।' गर्मी कम होने के बाद यमुना के जल के बंटवारे से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा से अपर्याप्त जल प्रवाह के कारण दिल्ली में शोधित जल का उत्पादन घटकर 932 MGD रह गया है। 

आतिशी ने कहा कि वजीराबाद बैराज का जलस्तर छह फुट घटकर 668.5 फुट हो गया है तथा मुनक नहर से मिलने वाला पानी घटकर 902 क्यूसेक रह गया है। मंत्री ने कहा वजीराबाद बैराज में जलस्तर 674.5 फुट रहना चाहिए लेकिन अभी यह केवल 668.5 फुट है। वजीराबाद बैराज में पानी लगभग खत्म हो चुका है और बिल्कुल भी पानी नहीं आ रहा है। 

उन्होंने कहा, 'दूसरी तरफ मुनक नहर से भी दिल्ली को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। दस जून को मुनक नहर से दिल्ली को 925 क्यूसेक पानी मिला था, जो 11 जून को घटकर 919 क्यूसेक, 12 जून को घटकर 903 क्यूसेक, 13 जून को घटकर 906 क्यूसेक और 15 जून को घटकर 902 क्यूसेक रह गया है।'

मंत्री ने कहा कि शुक्रवार को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (UYRB) की बैठक में दिल्ली में जल संकट का कोई समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश अपने द्वारा इस्तेमाल नहीं किया गया पानी दिल्ली को देने के लिए तैयार है।

मंत्री ने कहा, 'मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से फोन पर बात की और उन्होंने मुझे सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि UYRB को जो भी मदद और कागजातों की जरूरत है, वह उपलब्ध कराया जाएगा।' आतिशी ने कहा कि शनिवार को दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है उनका पता लगाया जाए तथा पानी के टैंकर की संख्या बढ़ाई जाए।

वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर जल-संकट वाले क्षेत्रों में लगभग 10,000 फेरे लगा रहे हैं और प्रतिदिन 10 MGD पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बवाना, द्वारका और नांगलोई जैसे कुछ अन्य क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन ट्यूबवेल लगाये गए हैं।

साथ ही आतिशी ने दिल्ली वालों से अपील करते हुए कहा कि वे पानी का प्रयोग बेहद ही सावधानी और सोच समझकर करें।  जिन इलाकों में पानी आ रहा है, वहां के लोग कम से कम पानी का प्रयोग करेंगे तो जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां पानी पहुंचाया जा सकेगा।