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21 नवंबर, 2020|6:09|IST

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दिल्ली हिंसा : CCTV कैमरे में गोली चलाते दिख रहे शख्स की जमानत याचिका खारिज

delhi riots  file pic

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के मामले के एक आराोपी को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे में आरोपी को दंगा भड़काते व गोली चलाते साफ देखा गया है। ऐसे गंभीर अपराध के आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत ने आरोपपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि वह गैरकानूनी तरीके से एकत्रित भीड़ का हिस्सा था। इतना ही नहीं उसने लोगों को हिंसा करने के लिए भड़काया। यह सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। इसके बाद इस आरोपी ने घातक हथियार से गोली भी चलाई। इस आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से कई राह चलते लोग व पुलिसकर्मी जख्मी हुए। आरोपी की तरफ से पेश वकील अशोक कुमार ने अदातल में कहा कि आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। वह घर का अकेला कमाने वाला सदस्य है। उसके घर के आर्थिक हालात अच्छे नहीं है।

वहीं, सरकारी वकील सलीम अहमद ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को गली में हाथ में ईंट व पत्थर के टुकड़े लिए साफ देखा जा सकता है। वह दूसरे समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहा था। सरकारी वकील ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी की शिकायतकर्ता दिल्ली पुलिस के सहायक सब इंस्पेक्टर धर्मबीर ने सक्रिय दंगाई के तौर पर पहचान भी की है।

पेश मामला 25 फरवरी 2020 का है। दंगाई बाबरपुर स्थित शिव मंदिर के सामाने एकठ्ठा हुए। वहीं नजदीक नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ समुदाय विशेष का धरना प्रदर्शन भी चल रहा था। दोनों पक्षों में भिड़ंत की स्थिति बनने पर पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की तो वह भी दंगाइयों का शिकार बने।

ज्ञात रहे कि दंगों से संबंध में पुलिस ने 750 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस इनमें से 250 मामलों में अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इन आरोपपत्रों में 1153 लोग आरोपी बनाए गए हैं। 

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  • Web Title:Delhi violence: Court dismisses bail plea of man seen rioting firing gunshots in CCTV footage