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पलूशन के चलते दिल्ली यूनिवर्सिटी ने समय से पहले कर दी ठंडी की छुट्टी, जानिए अब कब खुलेंगे कॉलेज    

Delhi University closed: डीयू ने छुट्टी को लेकर शुक्रवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पलूशन के मद्देनजर डीयू ने 13 से 19 नवंबर तक समय से पहले शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है।

पलूशन के चलते दिल्ली यूनिवर्सिटी ने समय से पहले कर दी ठंडी की छुट्टी, जानिए अब कब खुलेंगे कॉलेज    
Devesh Mishraपीटीआई,नई दिल्लीFri, 10 Nov 2023 05:08 PM
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DU winter break: राजधानी दिल्ली की आबोहवा कई दिनों से बिगड़ती जा रही थी। हालांकि शुक्रवार सुबह हुई बारिश के चलते एक्यूआई में सुधार दर्ज किया गया है। लेकिन बीते कई दिनों से दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही थी। ऐसे में दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) ने राष्ट्रीय राजधानी में पलूशन को देखते हुए अवकाश की घोषणा कर दी है।

डीयू ने छुट्टी को लेकर शुक्रवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पलूशन के मद्देनजर डीयू ने 13 से 19 नवंबर तक समय से पहले शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है। यानी डीयू के सभी कॉलेज 13 से 19 नवंबर तक बंद रहेंगे।

समय से पहले ठंडी की छुट्टी
दिल्ली यूनिवर्सिटी में आमतौर पर दिसंबर में शीतकालीन अवकाश दिया जाता है। लेकिन बढ़ते पलूशन को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने समय से पहले ही छुट्टी कर दिया। डीयू द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में 13 से 19 नवंबर तक के बीच विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों और संस्थानों को शीतकालीन अवकाश घोषित करने के लिए कहा गया है। हालांकि सभी पूर्व निर्धारित परीक्षाएं और साक्षात्कार बिना किसी बदलाव के आयोजित किए जाएंगे।             

बता दें कि वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर और धुंध से पिछले 10 दिन से परेशान दिल्लीवासियों को गुरुवार को रातभर हुई बारिश के कारण राहत मिली और राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में शुक्रवार को स्पष्ट सुधार देखा गया। दिल्ली में शुक्रवार दोपहर एक बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 314 रहा जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सुबह नौ बजे यह 376 और सात बजे यह 408 था। बृहस्पतिवार रात 11 बजे यह 460 था।

दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 38 प्रतिशत प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था। शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान बृहस्पतिवार को 33 प्रतिशत रहा, जबकि शुक्रवार को इसके 16 प्रतिशत रहने का अनुमान है।         

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