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1 जनवरी, 2021|4:34|IST

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दिल्ली में ठंड के साथ बिजली की मांग भी बढ़ी, इस मौसम पहली बार सर्वाधिक 5000 मेगावाट से अधिक हुआ आंकड़ा

why dont electricity companies give compensation to smart meter consumers

उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड के चलते तापमान में गिरावट होने से दिल्ली में बिजली की मांग शुक्रवार को बढ़कर 5021 मेगावाट तक पहुंच गई। बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बीएसईएस के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बार की सर्दी में पहली बार दिल्ली में बिजली की सर्वोच्च मांग 5000 मेगावाट से अधिक तक पहुंच गई। एक जनवरी को बिजली की मांग 5021 मेगावाट थी।

प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली में बिजली की मांग पिछले दो दिन में सात प्रतिशत बढ़ी है। एक दिसंबर से मांग में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई और एक नवंबर से इसमें 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

पिछले साल एक जनवरी 2020 को बिजली की उच्च मांग 5226 मेगावाट थी। उन्होंने कहा कि पिछले साल 30 दिसंबर को बिजली की मांग सबसे अधिक 4671 मेगावाट थी और महज दो दिन में ही बिजली की मांग में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 5021 मेगावाट पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर ठंड की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो आगामी दिनों में बिजली की मांग में और इजाफा होने की संभावना है। दिल्ली में पिछले साल बिजली की सर्वाधिक मांग 5343 मेगावाट रही जो इस साल बढ़कर 5480 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है।

पिछले 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा पारा

बता दें कि, दिल्ली में नए साल पर शीत लहर के कहर के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता भी शून्य हो गई। इससे पहले आठ जनवरी 2006 को शहर में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अभी तक का सबसे कम तापमान जनवरी 1935 में 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल जनवरी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।

आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सफदरजंग और पालम में सुबह छह बजे बेहद घना कोहरा छाने के कारण दृश्यता शून्य रही। आईएमडी के अनुसार, शून्य से 50 मीटर के बीच दृश्यता होने पर कोहरा 'बेहद घना', 50 से 200 मीटर के बीच 'घना', 201 से 500 के मीटर के बीच 'मध्यम' और 501 से 1000 के बीच दृश्यता होने पर कोहरे को 'हल्का' माना जाता है।

सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि पिछले 15 साल में सबसे कम तापमान है। 2020 में अक्टूबर का महीना पिछले 58 साल में सबसे अधिक ठंडा रहा था, जब न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अक्टूबर 1962 में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान बढ़ेगा, इससे उत्तरी-पश्चिमी भारत दो से छह जनवरी तक प्रभावित रहेगा। न्यूनतम तापमान के 4-5 जनवरी को आठ डिग्री सेल्सियस पहुंचने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण तीन से पांच जनवरी के बीच राजधानी में हल्की बारिश का भी पूर्वानुमान है। आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बर्फबारी के भी आसार हैं। 

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  • Web Title:Delhi s peak power demand crosses 5000 MW mark highest this season