DA Image
25 नवंबर, 2020|2:17|IST

अगली स्टोरी

दिल्ली दंगे : पुलिस का नया खुलासा- उमर खालिद ने लोगों से प्रदर्शनों में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को जुटाने को कहा था

umar khalid

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों को भड़काने के लिए लोगों को सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासियों को शामिल करने के लिए कहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एक सुरक्षित गवाह को उद्धृत करते हुए यह आरोप लगाया।

चार्जशीट में आगे आरोप लगाया गया कि 2019 में खालिद और सह-अभियुक्त शरजील इमाम ने यह निर्णय लिया कि मस्जिदों को विरोध शुरू करने का केंद्र बिंदु होना चाहिए और चक्का जाम के लिए इमामों की सेवाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

सुरक्षित गवाहों में से एक के बयान के अनुसार, जो चार्जशीट का हिस्सा है, खालिद ने कथित तौर पर दंगों को भड़काने के लिए सीएए के विरोध प्रदर्शनों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासियों को लाने के लिए कहा था।

पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कहा कि भारत सरकार के लिए फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा के दौरान राजधानी में सांप्रदायिक दंगे होने की घटना से अधिक अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी की स्थिति कुछ नहीं हो सकती थी।

कोर्ट ने शरजील इमाम व उमर खालिद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और जेएनयू छात्र शरजील इमाम के खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया। अदालत ने उनके खिलाफ कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत अपराधों को लेकर आगे बढ़ने का फैसला किया, लेकिन राजद्रोह, आपराधिक साजिश और भारतीय दंड संहिता के तहत कुछ अन्य आरोपों पर संज्ञान नहीं लिया क्योंकि आवश्यक मंजूरी की प्रतीक्षा है।

रविवार को दायर की गई चार्जशीट में शरजील इमाम और उमर खालिद पर यूएपीए, भादंसं, हथियार कानून और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाया गया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि आरोपियों इमाम, खालिद और फैजान खान के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त सामग्री है। अदालत ने यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों), धारा 16 (आतंकवादी कानून), धारा 17 (आतंकवादी कृत्यों के लिए धन जुटाना), धारा 18 (साजिश) के तहत आरोपों का संज्ञान लिया।

उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147 और 148 (दंगा), धारा 149 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना), धारा 186 (लोक सेवक को निर्देश देना), धारा 201 (सबूतों को गायब करना) के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (देशद्रोह), धारा 153-ए (धर्म, भाषा, जाति आदि के आधार पर कटुता को बढ़ावा देना), धारा 109 (घृणा) और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोपों का संज्ञान नहीं लिया। इस संबंध में आवश्यक मंजूरी की अभी प्रतीक्षा है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चार्जशीट और संलग्न दस्तावेजों पर गौर करने के बाद आरोपियों शरजील इमाम, उमर खालिद, फैजान खान के खिलाफ कार्यवाही के लिए पर्याप्त सामग्री हैं। मामले में अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। 

दिल्ली दंगे में 53 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच संघर्ष के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में साम्प्रदायिक दंगे भड़क गए थे।

इस हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। साथ ही सरकारी और निजी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा था। उग्र भीड़ ने मकानों, दुकानों, वाहनों, एक पेट्रोल पम्प को फूंक दिया था और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों पर पथराव किया।

इस दौरान राजस्थान के सीकर के रहने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की 24 फरवरी को गोकलपुरी में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी और डीसीपी और एसीपी सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल गए थे। साथ ही आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या करने के बाद उनकी लाश नाले में फेंक दी गई थी। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Delhi riots: Umar Khalid asked people to rope in Bangladeshi and Rohingya immigrants police alleges