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दिल्ली दंगे मामले में तीनों आरोपी छात्र नेता नताशा, देवांगना और आसिफ तिहाड़ जेल से रिहा, संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाताPublished By: Praveen Sharma
Fri, 18 Jun 2021 10:16 AM
दिल्ली दंगे मामले में तीनों आरोपी छात्र नेता नताशा, देवांगना और आसिफ तिहाड़ जेल से रिहा, संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान

उत्तर -पूर्वी दिल्ली के दंगा मामलोें तिहाड़ जेल में बंद तीनों आरोपियों को गुरुवार रात को जेल से रिहा कर दिया गया। यह जानकारी देते हुए जेल प्रशासन ने बताया कि दंगे के आरोप में जिन आरोपियों को रिहा किया गया है उनमें छात्र कार्यकर्ता नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ तन्हा शामिल हैं।

तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने बताया कि शाम को तीनों की रिहाई के आदेश शाम को अदालत से पहुंच गए थे। इनमें से नताशा नरवाल और देवांगना कलिता को शाम सात बजे और आसिफ को साढ़े सात बजे रिहा कर दिया गया।

गौरतलब है कि आसिफ इकबाल तन्हा सहित तीनों छात्र नेताओं के आवास के पते और मुचलके के सत्यापन में देर के कारण जेल से उनकी रिहाई में देरी हो रही थी। इन तीनों को उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगा साजिश मामले में गिरफ्तार किया था।

रिहाई के बाद नताशा नरवाल ने कहा- संघर्ष जारी रखेंगे

'पिंजरा तोड़' कार्यकर्ता नताशा नरवाल ने रिहाई के बाद कहा कि उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल के अंदर जबर्दस्त समर्थन मिला और वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राएं नरवाल और कलिता ने जेल में साल भर रहने के दौरान मिले समर्थन को लेकर अपने मित्रों ओर शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया। इनमें से कई लोग उनकी रिहाई के मौके पर जेल के बाहर एकत्र थे। नरवाल ने कहा कि हमें जेल के अंदर भारी समर्थन मिला है और हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए 'पिंजरा तोड़' मुहिम की कार्यकर्ता नरवाल ने कहा कि जब उन्हें गिरफ्तार किया गया था, तब उन्हें यह यकीन करने में कई महीने लग गए कि वे इस तरह के कठोर आरोपों में जेल में कैद हैं। सरकार पर प्रहार करते हुए देवांगना कलिता ने कहा कि अपनी आवाज उठाने को लेकर लोग जेल में कैद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की आवाज और असहमति को दबाने की कोशिश कर रही है। हमें लोगों से अपार समर्थन मिला, जिसने हमें जेल के अंदर जीवित रहने में मदद की। 

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