DA Image
Sunday, December 5, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCRदिल्ली दंगे : आरोपी को कलर फोटो और CCTV फुटेज न देने पर पुलिस की खिंचाई, अदालत ने आईओ और डीसीपी को भेजा कारण बताओ नोटिस

दिल्ली दंगे : आरोपी को कलर फोटो और CCTV फुटेज न देने पर पुलिस की खिंचाई, अदालत ने आईओ और डीसीपी को भेजा कारण बताओ नोटिस

नई दिल्ली। भाषाPraveen Sharma
Tue, 26 Oct 2021 11:27 AM
दिल्ली दंगे : आरोपी को कलर फोटो और CCTV फुटेज न देने पर पुलिस की खिंचाई, अदालत ने आईओ और डीसीपी को भेजा कारण बताओ नोटिस

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल फरवरी 2020 के साम्प्रदायिक दंगों से जुड़े मामलों में समयबद्ध तरीके से आरोपियों को रंगीन तस्वीरें तथा सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराने के अपने निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की और कहा कि क्यों नहीं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने पुलिस को यह चेतावनी तब जारी की जब दंगों के एक मामले में आरोपी विनोद ने कहा कि उसे चार्जशीट की पूरी प्रति मिल गई है, लेकिन उन तस्वीरों की रंगीन कॉपियां नहीं मिली हैं जिन पर अभियोजन पक्ष ने भरोसा किया है।

अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) और डीसीपी (उत्तर-पूर्वी जिला) दंगों से जुड़े सभी मामलों में सभी आरोपियों को समयबद्ध तरीके से उचित पावती (Acknowledgment) के साथ रंगीन तस्वीरों की कॉपियां और सीसीटीवी फुटेज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के पहले के निर्देश का पालन करने में विफल रहे हैं।

अदालत ने 23 अक्टूबर को एक आदेश में जांच अधिकारी और डीसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सवाल किया कि अदालत के निर्देश का पालन नहीं करने पर दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 60 के साथ (धारा 122 के साथ पढ़ें) सहित कानून के अनुसार क्यों नहीं उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि आईओ और डीसीपी द्वारा संयुक्त पुलिस आयुक्त पूर्वी रेंज के माध्यम से स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, अगर वे कारण बताओ नोटिस में व्यक्तिगत सुनवाई के अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित रहने के लिए कहें। उन्होंने आईओ को सभी तस्वीरों की रंगीन कॉपियां आरोपी विनोद को उचित पावती के साथ उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, नागरिकता (संशोधन) कानून के समर्थकों और इसके प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद कम से कम 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें