ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRदिल्ली में अब 50 वर्ग मीटर पर 3 फ्लोर, किस साइज के प्लॉट पर बनेंगी कितनी यूनिट; क्या है रेरा का नया नोटिफिकेशन

दिल्ली में अब 50 वर्ग मीटर पर 3 फ्लोर, किस साइज के प्लॉट पर बनेंगी कितनी यूनिट; क्या है रेरा का नया नोटिफिकेशन

दिल्ली में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने प्लॉट पर फ्लोर बनाने की लिमिट तय कर दी है। अब 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में केवल तीन मंजिल ही बन पाएगी। इसके ऊपर निर्माण की मंजूरी नहीं है।

दिल्ली में अब 50 वर्ग मीटर पर 3 फ्लोर, किस साइज के प्लॉट पर बनेंगी कितनी यूनिट; क्या है रेरा का नया नोटिफिकेशन
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 06:23 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली सरकार की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली इमारत पर आवासीय यूनिट का दायरा सीमित कर दिया है। अब 50 वर्ग मीटर में सिर्फ तीन मंजिल ही बना सकेंगे। इससे ऊपर निर्माण की अनुमति नहीं है। हालांकि, सबसे नीचे पार्किंग को आवासीय यूनिट में नहीं गिना जाएगा। रेरा के इस आदेश से बिल्डरों-ठेकेदारों पर नकेल कसेगी और वह नियमों का उल्लंघन कर भवन निर्माण नहीं कर पाएंगे। विशेषज्ञों ने आदेश को ढांचागत सुरक्षा व मजबूती के लिए अहम बताया है।

रेरा के मुताबिक, एक आवासीय यूनिट का मतलब एक कमरा, किचन और टॉयलेट होता है। रेरा ने 11 सितंबर 2023 से यह आदेश जारी किया है। दिल्ली नगर निगम की भवन निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष जगदीश ममगई ने कहा कि 50 वर्ग मीटर व अन्य में इस बात का भी जिक्र होना चाहिए कि भवन निर्माण में कितनी फीट तक नींव डाली जाए। यमुना के नजदीक, पूर्वी दिल्ली, बाहरी दिल्ली व अन्य जगहों पर अनाधिकृत कॉलोनियों के भवन निर्माण के लिए यह आदेश जरूरी है। इससे अब बिल्डर या यहां पर मकान बनाने वाले ठेकेदार नियमों की अवहेलना नहीं कर पाएंगे।

लोगों की सुरक्षा के लिहाज से अहम 

विशेषज्ञ जगदीश ममगई ने कहा कि रेरा का यह आदेश छह वर्ष पहले ही जारी कर दिया जाना चाहिए था। एनसीआर के शहरों में कई बिल्डरों व डेवलपर की ओर से लोगों के साथ फ्लैटों के निर्माण में खराब तरीके से पेश आने पर सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी करते हुए सख्त आदेश दिए थे। तब 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों को रेरा के नियमों को लागू करने के लिए कहा था। दिल्ली में रेरा का आदेश लोगों की सुरक्षा के लिहाज से अहम और महत्वपूर्ण है। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर ने भी ढांचागत मजबूती के लिए इस आदेश को बेहतर माना है।

कच्ची कॉलोनियों का क्या होगा 

दिल्ली भाजपा का कहना है कि दिल्ली सरकार रेरा अधिसूचना लाई है, जिसके बाद राजधानी में संपत्ति पंजीकरण रुक गया है। नोटिफिकेशन कहता है कि 50 मीटर तक प्लॉट पर केवल तीन आवासीय इकाइयों की अनुमति होगी। इसका मतलब साफ है कि 50 मीटर के प्लॉट पर केवल तीन मंजिल का निर्माण एवं बिक्री की जा सकती है, जबकि दिल्ली में 50 मीटर तक के छोटे प्लॉटों की भरमार है, जिनमें चार से पांच आवास इकाइयां बनी हैं। इस आदेश से अमीर और उच्च आय वाले लोगों को लाभ होगा। दिल्ली में लाखों इकाइयों वाली 1671 अनधिकृत कॉलोनियां हैं, जहां आज तक कोई भवन योजना स्वीकृत नहीं हुई है। इसलिए कोई यह नहीं समझ पा रहा है कि इन क्षेत्रों में संपत्ति बिक्री खरीद कैसे होगी। अगर रेरा अधिसूचना लागू होती है तो इन मिश्रित उपयोग एवं व्यापारिक क्षेत्रों का भविष्य खतरे में है।

आदेश के तहत पंजीकरण

विशेषज्ञों के अनुसार, रेरा के नए आदेश के तहत ही अब दिल्ली में जिस भी प्लॉट के क्षेत्र पर निर्माण कार्य होगा वहां पर संपत्ति का पंजीकरण होगा। सितंबर 2023 के बाद की संपत्तियों पर यह लागू होगा। इस संबंध में सब रजिस्ट्रार व तहसीलदार कार्यालयों की भी सख्त तरीके से निगरानी होनी चाहिए। जिससे वह लोगों को इस नए आदेश के अनुपालन में परेशान न करें।

किस साइज के प्लॉट पर कितनी आवासीय यूनिट

प्लॉट का क्षेत्र आवासीय यूनिट

50 वर्ग मीटर तक 3
51 से 100 4
101 से 250 4
251 से 750 5
751 से 1000 7
1001 से 1500 7
1501 से 2250 10
2251 से 3000 10

केंद्र से पूछे भाजपा

रेरा के आदेश को लेकर भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार ने पलटवार किया है। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि रेरा केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है, इसलिए दिल्ली भाजपा को दिल्ली सरकार के बजाय केंद्र सरकार से पूछना चाहिए। उसे जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए। भाजपा रेरा को लेकर जनता को गुमराह कर रही है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें