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Delhi Pollution: दिल्लीवालों को कब मिलेगी जहरीली हवा से राहत? गंभीर श्रेणी में पहुंची इन 18 इलाकों की हवा

दिल्ली में इस बार प्रदूषण की परेशानी लंबी खिंचती जा रही है। 20 अक्तूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा है जब हवा सांस लेने लायक रही हो। इस दौरान हवा खराब, बेहद खराब, गंभीर या अत्यंत गंभीर श्रेणी में

Delhi Pollution: दिल्लीवालों को कब मिलेगी जहरीली हवा से राहत? गंभीर श्रेणी में पहुंची इन 18 इलाकों की हवा
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 30 Nov 2023 06:36 PM
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दिल्ली में हवा फिर से जहरीली हो गई है। गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गया है। प्रदूषण के स्तर में हुई तेज बढ़ोतरी को इससे समझा जा सकता है कि चौबीस घंटे के भीतर ही 108 अंकों का इजाफा सूचकांक में हुआ है। 18 इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली में इस बार प्रदूषण की परेशानी लंबी खिंचती जा रही है। 20 अक्तूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा है जब हवा सांस लेने लायक रही हो। इस दौरान हवा खराब, बेहद खराब, गंभीर या अत्यंत गंभीर श्रेणी में रही है।

सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश के बाद बुधवार को भी प्रदूषण के स्तर में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया था, लेकिन एक दिन बाद ही गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 398 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ तीन अंक नीचे है। बुधवार को सूचकांक 290 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे के भीतर ही सूचकांक में 108 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। 

वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पार
दिल्ली के 18 इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक गुरुवार शाम चार बजे गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इन सभी जगहों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर है। मुंडका और वजीरपुर इलाके का सूचकांक 450 से ऊपर यानी हवा अत्यंत गंभीर श्रेणी में पहुंची गया। 

सामान्य से सवा तीन गुना ज्यादा प्रदूषण
मानकों के मुताबिक, हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। बुधवार की शाम चार बजे दिल्ली और एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 331 और पीएम 2.5 का स्तर 202 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली और एनसीआर की हवा में मानकों से सवा तीन गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद है।
 
हवा की रफ्तार सुस्त पड़ी
दिल्ली में इस समय हवा की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। खासतौर पर बुधवार को हवा की रफ्तार बहुत कम रही। दिन में भी हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम ही रही। आसमान में बादल छाए रहने के चलते धूप भी नहीं निकली। तापमान बढ़ने से भी प्रदूषक कणों का बिखराव धीमा होता है। मौसम के इन्हीं विपरीत कारकों के चलते दिल्ली की हवा में प्रदूषक कण ज्यादा देर तक बने हुए हैं। 

छह दिन तक राहत के आसार नहीं
दिल्ली के लोगों को जानलेवा प्रदूषण से अगले छह दिनों तक राहत मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। दरअसल, नवंबर महीने में दो बार प्रदूषण के स्तर में सुधार दर्ज किया गया। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बारिश ही मुख्य कारण रही है। लेकिन, अगले छह दिनों के बीच मौसम का इस तरह का कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय होने की संभावना कम है। इसके चलते प्रदूषण का स्तर कमोबेश ऐसा ही बना रहेगा।

प्रदूषण मीटर
वायु गुणवत्ता सूचकांक
29 नवंबर    290
30 नवंबर    398

यहां की हवा सबसे खराब
मुंडका    453
वजीरपुर    454
पंजाबी बाग    445
जहांगीरपुरी    441
विवेक विहार    431


 

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