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दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट, अभी भी AQI 400 पार, बारिश से क्यों नहीं राहत?

Delhi Pollution Crisis News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश के बावजूद प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अभी भी AQI 400 पार दर्ज किया गया है। बारिश से क्यों नहीं राहत?

दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट, अभी भी AQI 400 पार, बारिश से क्यों नहीं राहत?
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 Nov 2023 06:04 PM
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दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश ने प्रदूषण से थोड़ी राहत दिलाई है। बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते राजधानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक में एक दिन पहले की तुलना में 83 अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि, समग्र तौर पर अभी भी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में ही है। राजधानी में इस बार गर्मियों और मानसून के मौसम में बीते वर्षों की तुलना में हवा की गुणवत्ता साफ रही, मगर अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा। इसके बाद से लोग लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। 

मामूली सुधार
20 अक्तूबर के बाद से अभी तक एक दिन भी वायु गुणवत्ता साफ नहीं रही है। इस दौरान ज्यादातर समय हवा खराब, बेहद खराब, गंभीर और अत्यंत गंभीर श्रेणी में रही। हालांकि, अब इस स्थिति से थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में सोमवार की शाम हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन इसका प्रदूषण पर खास असर नहीं हुआ। मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी के ऊपरी स्तर पर थी, मगर मंगलवार दिन में भी दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसके बाद प्रदूषण की स्थिति में सुधार देखा गया।

प्रदूषण मीटर
वायु गुणवत्ता सूचकांक
27 नवंबर---395
28 नवंबर---312

83 अंकों का सुधार
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। मगर यह बेहद खराब श्रेणी का शुरुआती स्तर है। सोमवार को यह सूचकांक 395 था, यानी 24 घंटे के भीतर इसमें 83 अंकों का सुधार हुआ है।

सिर्फ एक इलाके की हवा गंभीर श्रेणी में
सोमवार को दिल्ली के 18 इलाके ऐसे थे, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा। मगर बूंदाबांदी और हवा की रफ्तार बढ़ने से मंगलवार को सिर्फ एक इलाके का सूचकांक 400 के ऊपर रहा। आईटीओ की हवा मंगलवार को सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। यहां का सूचकांक 420 यानी गंभीर श्रेणी में रहा।

मानक से दोगुने जहरीले कण
मानकों के मुताबिक, हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। दिल्ली और एनसीआर की हवा में मंगलवार शाम चार बजे पीएम 10 का औसत स्तर 208 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 133 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी हवा में अभी भी मानकों से दोगुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद है। सोमवार को यह स्तर मानकों से साढ़े तीन गुना ज्यादा रहा था।

यहां की हवा सबसे खराब
आईटीओ---420
विवेक विहार---385
सोनिया विहार---375
जहांगीरपुरी---367
अशोक विहार---364

बारिश के बावजूद AQI में सुधार क्यों नहीं?
बूंदाबांदी से प्रदूषण के स्तर में भले ही सुधार हुआ है, लेकिन प्रदूषण का स्तर पूरी तरह से साफ होने की अभी उम्मीद कम है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले दो दिनों तक हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव धीमा रहेगा और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब या खराब श्रेणी में ही रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषक कणों के बिखराव के लिए हवा की गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होनी चाहिए।

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