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दिल्ली में इस दिवाली पवनदेव मेहरबान, 8 साल में सबसे अच्छी AQI रिकॉर्ड लेकिन डर बरकरार- VIDEO

Delhi Air Pollution: दिल्ली में इस दिवाली पर हवा के बेहतर रुख के कारण प्रदूषण से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली में आठ साल में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता (Air Quality Index, AQI) दर्ज की गई है।

दिल्ली में इस दिवाली पवनदेव मेहरबान, 8 साल में सबसे अच्छी AQI रिकॉर्ड लेकिन डर बरकरार- VIDEO
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीSun, 12 Nov 2023 08:55 PM
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Delhi Air Pollution: दिल्ली में रविवार को दिवाली के दिन हवा के बेहतर रुख के कारण आठ साल में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता (Air Quality Index, AQI) दर्ज की गई। हालांकि डर अभी भी बना हुआ है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि दिल्ली एनसीआर के इलाकों में पटाखे जलाने और रात के कम तापमान के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। दिल्लीवासियों को रविवार को दिवाली के दिन साफ आसमान के कारण प्रचुर धूप का अनुभव हुआ। दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई शाम 4 बजे 218 रहा जो कम से कम तीन हफ्ते में सबसे अच्छा है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल दिवाली पर AQI 312, 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था। शून्य और 50 के बीच एक AQI को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब', 401 और 450 के बीच 'गंभीर' और 450 से ऊपर अति गंभीर माना जाता है। शनिवार को 24 घंटे का औसत AQI 220 था, जो आठ वर्षों में दिवाली से एक दिन पहले सबसे कम था।

इस साल दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की AQI में तेजी से सुधार हुआ। इस सुधार का श्रेय शुक्रवार को रुक-रुक कर हुई बारिश और प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल हवा की गति को दिया जा सकता है। दो दिन पहले गुरुवार को 24 घंटे का औसत AQI 437 दर्ज किया गया था। 28 अक्टूबर से दो हफ्ते तक लगातार शहर में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' तक रही। इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा दमघोंटू रही। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली में हल्की बारिश और हवा के बेहतर रुख के कारण दिवाली से ठीक पहले हवा की गुणवत्ता में सुधार की भविष्यवाणी की थी जो सच साबित हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई जिससे दिल्ली के वायु प्रदूषण में, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से निकलने वाले धुएं का योगदान कम हो गया। आईएमडी के एक अधिकारी ने पूर्व में बताया था कि पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाने पर 11 नवंबर (शनिवार) को हवा की गति लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ जाएगी, जिससे दिवाली (12 नवंबर) से पहले प्रदूषक तत्वों का छितराव होने में मदद मिलेगी। पिछले तीन वर्षों के रुझान के देखते हुए दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के भीतर पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध की घोषणा की है।

शनिवार रात और रविवार शाम राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे जलाने की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। हालांकि कम तापमान और पटाखे जलाने से रविवार रात दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। दिल्ली में, हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 23 प्रतिशत प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था। शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान बृहस्पतिवार को 33 प्रतिशत, जबकि शुक्रवार को 10 प्रतिशत था।

नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक विनय कुमार सहगल ने अनुमान जताया कि बारिश के बाद नमी की स्थिति के कारण दिवाली के आसपास पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सम-विषम कार योजना फिलहाल स्थगित कर दी है, क्योंकि वर्षा के कारण शहर की वायु गुणवत्ता बहुत सुधर गई है। सरकार दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता की समीक्षा करेगी और यदि प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ जाता है, तो सम-विषम योजना पर निर्णय लिया जा सकता है।