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Delhi Pollution: दिवाली के बाद से दिल्ली को नहीं मिली राहत की सांस, अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा पलूशन का हाल?

दिल्ली वालों के लिए इस बार अक्तूबर महीने का दूसरा पखवाड़ा और नवंबर का महीना बेहद बुरा बीत रहा है। इस दौरान लोगों को भयावह प्रदूषण का सामना करना पड़ा और एक दिन भी राहत की सांस नहीं मिल रही है।

Delhi Pollution: दिवाली के बाद से दिल्ली को नहीं मिली राहत की सांस, अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा पलूशन का हाल?
Swati Kumariहिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 23 Nov 2023 07:54 PM
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दिवाली के बाद से राजधानी दिल्ली को एक दिन भी राहत की सांस नहीं मिली है। दिल्ली की हवा दिवाली के बाद से ही बेहद खराब श्रेणी में चली गई थी। ग्यारह दिन बीतने के बाद भी दमघोंटू हवा का यह आलम बना हुआ है। मौसम के कारकों के चलते अभी अगले तीन-चार दिन भी इसमें राहत मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। 

दिल्ली वालों के लिए इस बार अक्तूबर महीने का दूसरा पखवाड़ा और नवंबर का महीना बेहद बुरा बीत रहा है। इस दौरान लोगों को भयावह प्रदूषण का सामना करना पड़ा और एक दिन भी राहत की सांस नहीं मिल रही है। नवंबर महीने के पहले नौ दिन राजधानी दिल्ली की हवा प्रदूषण से दमघोंटू स्थिति में रही। लेकिन, मौसम में बदलाव हुआ और दस तारीख को दिल्ली व आसपास के एक बड़े इलाके में दिन भर हल्की बूंदाबांदी का दौर चला। इससे प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई। यहां तक कि दीवाली का दिन पिछले कई सालों में सबसे ज्यादा साफ-सुथरा रहा। इस दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 218 के अंक पर रहा था। लेकिन, दीवाली के बाद हुई आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बिगड़ गया। स्मॉग के चलते दिल्ली की हवा पूरी तरह से दमघोंटू हो गई। खासतौर पर 16 और 17 तारीख को वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। 

हवा की दिशा में हुए बदलाव के चलते 18 व 19 नवंबर को वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार तो हुआ लेकिन हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रही। जबकि, पिछले दो दिनों से वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर श्रेणी की दहलीज पर खड़ी हुई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 390 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन, यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ 11 अंक नीचे है। एक दिन पहले बुधवार को यह सूचकांक 395 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे के भीतर इसमें पांच अंकों का मामूली सुधार हुआ है। 

गंभीर श्रेणी में चौदह इलाकों की हवाः
राजधानी दिल्ली के चौदह इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में है। सीपीसीबी के मुताबिक गुरुवार की शाम चार बजे इन इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के अंक से पार रहा। बवाना का इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां पर प्रदूषण का स्तर 443 के अंक पर रहा। जबकि, जहांगीरपुरी का सूचकांक 433 के अंक पर रहा। 

सामान्य से साढ़े तीन गुना ज्यादा प्रदूषणः
मानकों के मुताबिक हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। लेकिन, गुरुवार की शाम चार बजे दिल्ली और एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 355 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 206 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से साढ़े तीन गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद है। 

अभी दिल्ली को राहत की उम्मीद नहींः
दिल्ली के लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक अगले तीन-चार दिनों के दौरान हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव भी धीमा रहेगा। इसलिए वायु गुणवत्ता की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बनी रहेगी। बल्कि 25 नवंबर को यह गंभीर श्रेणी में भी जा सकती है। 

दीवाली से अब तक का वायु गुणवत्ता सूचकांकः
12 नवंबर-218
13 नवंबर-358
14 नवंबर-397
15 नवंबर-398
16 नवंबर-419
17 नवंबर-405
18 नवंबर-319
19 नवंबर-301
20 नवंबर-348
21 नवंबर-372
22 नवंबर-395
23 नवंबर-390

गंभीर श्रेणी में इन इलाकों की हवाः
बवाना-443
जहांगीरपुरी-433
वजीरपुर-428
नेहरू नगर-429
पंजाबी बाग-424

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