ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRदिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आजमाएं हर उपाय, NGT ने अधिकारियों को खूब सुनाया

दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आजमाएं हर उपाय, NGT ने अधिकारियों को खूब सुनाया

एनजीटी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हर संभव उपाय आजमाएं। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने बेहद तल्ख टिप्पणियां कीं। पढ़ें यह रिपोर्ट...

दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आजमाएं हर उपाय, NGT ने अधिकारियों को खूब सुनाया
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीTue, 21 Nov 2023 07:52 PM
ऐप पर पढ़ें

एनजीटी ने वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए अधिकारियों की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए उनसे हर संभव उपाय आजमाने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। ट्रिब्यूनल ने दिल्ली एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता के संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक हफ्ते के भीतर एक्शन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस दौरान एनजीटी ने बेहद तल्ख टिप्पणियां की। एनजीटी ने कहा कि अधिकारियों के इस रुख को स्वीकार करना मुश्किल है कि वे प्रदूषण पर काबू पाने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। 

एनजीटी ने कहा कि दिल्ली में एक्यूआई में महत्वपूर्ण सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं। एनजीटी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, संबंधित अधिकारियों से वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सर्वोत्तम संभव उपाय करने की अपेक्षा की जाती है। सनद रहे 9 नवंबर को हुई पिछली सुनवाई में एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली नगर निगम (MCD) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अधिकारियों से एक्शन रिपोर्ट मांगी थी। 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने 9-19 नवंबर तक के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों पर गौर करते हुए कहा था कि पिछले 11 दिनों के दौरान हवा की गुणवत्ता तीन दिनों तक गंभीर, पांच दिन बहुत खराब और तीन दिन खराब रही। कुल मिलाकर हमें हवा की गुणवत्ता में कोई महत्वपूर्ण सुधार नजर नहीं आ रहा है। 

न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार ने यह दिखाने के लिए एक अतिरिक्त एक्शन रिपोर्ट दाखिल की है कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए गए हैं। सीपीसीबी की ओर से दायर रिपोर्ट में कहा गया है कि धूल उत्सर्जन पर काबू पाने से संबंधित उपाय प्रभावी पाए गए हैं। स्मॉग टॉवर का उपयोग करके शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के आकलन के लिए पायलट प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस संबंध में मसौदा रिपोर्ट आईआईटी बॉम्बे से प्राप्त हुई है जिसकी समीक्षा की जा रही है।

पीठ ने कहा कि एमसीडी ने एक रिपोर्ट दायर की थी जिसमें वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपर, सड़कों पर पानी का छिड़काव और खुले में आग जलाने पर रोक जैसे विभिन्न कदमों के बारे में बताया गया है। 

एक अखबार की रिपोर्ट पर गौर करते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि प्रदूषण के कारण लोगों को गंभीर स्वास्थ्य खतरों का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर अस्थमा के रोगियों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को जटिलताओं और स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकारियों से सर्वोत्तम संभव उपाय करने की अपेक्षा की जाती है ताकि शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार हो। इसके साथ ही एनजीटी ने संबंधित अधिकारियों से आगे की कार्रवाई के लिए एक्शन रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर दाखिल करने को कहा है। मामले में 29 नवंबर की तारीख दी गई है।