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दिल्ली में फिर गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI; क्या मिलेगी राहत? केजरीवाल सरकार ने बताया

Delhi Pollution Crisis: दिल्ली में जहरीले प्रदूषण के कारण एक्यूआई फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। क्या दिल्ली वालों को मिलेगी राहत केजरीवाल सरकार ने क्या कहा इस रिपोर्ट में जानें...

दिल्ली में फिर गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI; क्या मिलेगी राहत? केजरीवाल सरकार ने बताया
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 24 Nov 2023 07:16 PM
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दिल्ली की हवा जहरीले प्रदूषण के कारण एक बार फिर से गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 400 के पार चला गया। जबकि, दिल्ली के सात इलाके ऐसे रहे हैं जहां की स्थिति एक श्रेणी और खराब अत्यंत गंभीर स्थिति में रही। अगले दो-तीन दिनों के भीतर प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है। दिल्ली के लोग इस बार नवंबर के महीने में भयावह प्रदूषण का सामना कर रहे हैं। लगातार ही लोगों को खराब, बेहद खराब, गंभीर या फिर अत्यंत गंभीर श्रेणी की हवा में सांस लेनी पड़ रही है। 

चौबीस घंटे के भीतर 25 अंकों की बढ़ोतरी 
नवंबर के कुल 24 दिनों में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के नीचे आया हो यानी हवा थोड़ी सांस लेने लायक हुई हो। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार के दिन 415 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले गुरुवार के दिन यह सूचकांक 390 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे के भीतर इसमें 25 अंकों की बढ़ोतरी हुई है।

अत्यंत गंभीर श्रेणी में सात इलाकों की हवा
चिंता की बात यह है कि दिल्ली के सात इलाके ऐसे हैं जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक अत्यंत गंभीर श्रेणी में पहुंचा हुआ है। शुक्रवार की शाम चार बजे यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के अंक से ऊपर है। ये सभी इलाके ऐसे हैं जिनकी पहचान पहले से ही प्रदूषण के हॉट स्पाट के तौर पर की जाती है।

इन इलाकों की हवा गंभीर
नेहरू नगर---460
जहांगीरपुरी---468
रोहिणी---462
विवेक विहार---453
वजीरपुर---462
बवाना---467
मुंडका---457

चौबीस में से नौ दिन 400 से ऊपर रहा एक्यूआई
दिल्ली के लोगों के लिए नवंबर का महीना इस बार कितना ज्यादा प्रदूषित रहा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि महीने के 24 में से नौ दिन ऐसे रहे हैं जब हवा की गुणवत्ता 400 के अंक से ऊपर रही है। इसमें भी 03 नवंबर के दिन लोगों ने सबसे ज्यादा प्रदूषण का सामना किया। इस दिन सूचकांक 468 के अंक पर यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रहा था। इसी प्रकार, 05 नवंबर को सूचकांक 454 के अंक पर यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रहा था।

हवा की रफ्तार हो गई है बेहद कम
दिल्ली में इस समय हवा की रफ्तार बेहद कम हो गई है। खासतौर पर सुबह के समय हवा एकदम ठहर जा रही है। जबकि, दिन में भी जब हवा चलती है तो उसकी रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास ही रह रही है। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो रहा है। स्मॉग की परत भी आसमान में छाई हुई है। इसके चलते लोगों को सामान्य से ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। 

क्या मिलेगी राहत? दिल्ली सरकार ने बताया
पृथ्वी मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान भी हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। इसके चलते प्रदूषण की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बनी रहेगी। केजरीवाल सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में दो दिन और हवा की गुणवत्ता खराब रहेगी। हालांकि इसके बाद, पूर्वानुमानित अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सामान्य से चार गुना ज्यादा प्रदूषण
मानकों के मुताबिक हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे कम स्तर पर होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। लेकिन, दिल्ली और एनसीआर की हवा में शुक्रवार की शाम चार बजे पीएम 10 का औसत स्तर 413 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 239 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली और एनसीआर की हवा में प्रदूषक कणों का औसत स्तर मानकों से चार गुना ज्यादा है।

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