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Delhi Pollution: दो दिन की मामूली राहत के बाद दिल्ली में फिर बढ़ने लगा प्रदूषण, गंभीर श्रेणी में AQI

Delhi Pollution Crisis: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो दिन की मामूली राहत के बाद प्रदूषण के स्तर में एकबार फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।

Delhi Pollution: दो दिन की मामूली राहत के बाद दिल्ली में फिर बढ़ने लगा प्रदूषण, गंभीर श्रेणी में AQI
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीMon, 20 Nov 2023 06:52 PM
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दो दिन तक मामूली राहत के बाद राजधानी में फिर से प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। सोमवार को एक दिन पहले की तुलना में दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 47 अंकों की बढ़ोतरी हुई। राजधानी के तीन इलाके ऐसे हैं, जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषण के लिहाज से इस बार नवंबर का महीना दिल्ली के लोगों पर खासा भारी पड़ रहा है। महीने में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है, जब हवा की गुणवत्ता 200 से नीचे रही हो।

फिर प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी
ज्यादातर समय लोगों को खराब, बेहद खराब, गंभीर और अत्यंत गंभीर श्रेणी की हवा में सांस लेनी पड़ी है। दिवाली के बाद वायुमंडल पर स्मॉग की चादर लगभग पांच दिन तक छाई रही। हवा की दिशा में हुए बदलाव के चलते शनिवार और रविवार को प्रदूषण स्तर में हल्का सुधार हुआ और लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। मगर सोमवार से फिर प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

नंबर गेम
47 अंकों की बढ़ोतरी प्रदूषण स्तर में बीते चौबीस घंटों के दौरान हुई
10 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है अगले तीन दिन हवा की रफ्तार

सांस लेना दूभर 
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 348 अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले शनिवार को यह सूचकांक 301 अंक पर रहा। चौबीस घंटे के भीतर इसमें 47 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली के तीन इलाके ऐसे हैं, जहां पर प्रदूषण स्तर एक बार फिर से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसी हवा में बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों के लिए सांस लेना भी दुभर हो जाता है।

प्रदूषण मीटर
19 नवंबर----301
20 नवंबर---348

सामान्य से तीन गुना ज्यादा प्रदूषण
मानकों के मुताबिक, हवा में अगर पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होता है तो उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर की हवा में सोमवार शाम चार बजे प्रदूषक कण पीएम 10 का औसत स्तर 294 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 167 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा लगभग तीन गुना ज्यादा है।

गंभीर श्रेणी में तीन इलाकों की हवा
पंजाबी बाग---417
जहांगीरपुरी---402
बवाना---416

हॉट स्पाट वाले स्थान बढ़ा रहे मुसीबत
राजधानी में ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों को पहचान हॉट स्पाट के रूप में चिह्नित किया गया है। लगभग चार साल पहले दिल्ली के 13 स्थानों को हॉट स्पाट के रूप में चिह्नित किया गया था। हर साल यहां पर प्रदूषण की रोकथाम के विशेष प्रयास किए जाते हैं। इसके बावजूद यहां पर प्रदूषण का स्तर अभी अन्य जगहों की तुलना में ज्यादा है। सोमवार को जिन तीन स्थानों पंजाबीबाग, जहांगीरपुरी और बवाना का सूचकांक 400 के ऊपर रहा, वे हॉट स्पाट वाली जगहों में शामिल हैं। इसके अलावा रोहिणी, वजीरपुर, मुंडका जैसे हॉट स्पाट पर भी प्रदूषण का स्तर अन्य जगहों की तुलना में ज्यादा है।

अगले तीन दिन राहत न मिलने के आसार
दिल्ली के लोगों को अभी साफ-सुथरी हवा की उम्मीद कम है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी रहेगी। वहीं, हवा की अधिकतम गति सिर्फ कुछ समय के लिए ही 16 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा ज्यादातर समय हवा शांत रहेगी या फिर उसकी गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से नीचे रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का बिखराव भी धीमा रहेगा। अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।